“माफी मांगने का दबाव था, लेकिन सच बोलने के लिए कभी माफी नहीं मांगूंगा”: संसद में रोके जाने पर राहुल गांधी का बड़ा हमला

दिल्ली

नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को संसद में अपनी टिप्पणियों के बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार और संसद प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए।

राहुल गांधी ने कहा, “जैसा कि आपने देखा, लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया गया। सरकार के अन्य सदस्यों को बोलने का अवसर मिला, लेकिन मुझे अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी गई। मुझे यह संदेश भी दिया गया कि यदि मैं माफी मांग लूं, तो मुझे आगे बोलने दिया जाएगा। मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि पहली बात तो यह है कि मैं कभी भी बीजेपी, आरएसएस या उनसे जुड़े किसी भी व्यक्ति से माफी नहीं मांगूंगा। दूसरी बात, विपक्ष के नेता के नाते देश के संवेदनशील और ज्वलंत मुद्दों को उठाना मेरा संवैधानिक अधिकार है।”

📜 “छात्रों पर चलाई गईं पैलेट गन, कीलदार लाठियों से पीटा गया”: दिल्ली पुलिस व गृह मंत्रालय पर लगाए गंभीर आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुई पुलिसिया कार्रवाई पर तीखा आक्रोश व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, “आज मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा यह है कि दिल्ली की सड़कों पर हमारे निर्दोष छात्रों के साथ घोर बर्बरता की गई। उन पर जानलेवा पैलेट गन से गोलियां चलाई गईं। साधारण लाठियां ही नहीं, बल्कि शॉक बैटन और कीलों वाली लाठियों से उन्हें बेरहमी से पीटा गया। छात्रों को डराने के लिए फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी (FRT) का इस्तेमाल किया जा रहा है और बजरंग दल जैसे संगठनों को लामबंद किया जा रहा है, ताकि युवा दोबारा अपनी आवाज न उठा सकें।”

⚖️ “सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच”, राहुल गांधी ने दिया छात्रों को न्याय दिलवाने का भरोसा

राहुल गांधी ने आगे जोर देते हुए कहा, “हम यह हर हाल में सुनिश्चित करेंगे कि जिन छात्रों पर अत्याचार हुआ है, उन्हें पूरा न्याय मिले। जिन अधिकारियों या लोगों ने छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश दिया या गोलियां चलाईं, उन्हें सख्त सजा मिले। पूरा विपक्ष देश के छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा है और इसकी पूरी जवाबदेही तय की जाएगी।”

उन्होंने सरकार को स्पष्ट सलाह दी कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र और अधिकार-संपन्न उच्च-स्तरीय समिति से कराई जाए। राहुल ने बताया कि वे एक ऐसे पीड़ित युवक से मिले हैं जिसकी आंख में छर्रे लगे हैं और उसकी दृष्टि जाने का खतरा है। उन्होंने कहा कि इसी संवेदनशील मुद्दे को वे सदन में उठा रहे थे, जहां गृह मंत्री की गैरमौजूदगी पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए।

📌 राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस की प्रमुख बड़ी बातें

  • न्याय का संकल्प: राहुल गांधी ने संकल्प दोहराया कि जिन छात्रों को पीटा गया है, उन्हें हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा।

  • दोषियों पर कार्रवाई: पैलेट गन चलाने और आदेश देने वाले जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाकर सजा दिलाई जाएगी।

  • सुप्रीम कोर्ट से जांच की मांग: दिल्ली में छात्रों पर हुए हमले की उच्च-स्तरीय स्वतंत्र जांच सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में कराने की मांग रखी।

  • गृह मंत्रालय की जवाबदेही: हिंसा का सीधा आरोप दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) पर लगाया, जो सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन आती हैं।

  • अत्याचार के गंभीर दावे: प्रदर्शनकारी छात्रों को कील जड़े डंडों से पीटने और महिला छात्राओं से भी मारपीट करने का दावा किया।

🏛️ लोकसभा में गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर राहुल गांधी ने उठाए थे सवाल

इससे पूर्व लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान भी राहुल गांधी ने गृह मंत्री की सदन में गैरमौजूदगी पर सवाल उठाते हुए पूछा था कि इतने गंभीर विषय पर गृह मंत्री सदन में क्यों उपस्थित नहीं हैं?

उन्होंने संसद के पटल पर भी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मामला पूरे जोर-शोर से उठाया था, जिसके बाद सदन में हंगामा देखने को मिला था।

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