दंतेवाड़ा : छत्तीसगढ़ में सुरक्षा जवानों ने नक्सलियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। दरअसल, किरंदुल थाना क्षेत्र में नक्सली खूनी खेल खेलना चाहते थे। उन्होंने एनएमडीसी 11सी धोबी घाट से लोहा गांव जाने वाले कच्चे रास्ते में झाड़ियों के बीच 3 किलों का कमान IED लगा रखा था, ताकि सर्चिंग में निकले सीआईएसएफ या डीआईजी के जवानों को अपना निशाना बना सके। लेकिन मुखबिर ने घटना स्थल पर वायर देखी और इसकी सूचना किरंदुल थाना प्रभारी प्रह्लाद साहू को दी। जिसके बाद उन्होंने अपने आला अधिकारियों को अवगत करवाया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए दंतेवाडा एस पी गौरव राय ने बम निरोधक दस्ते को दंतेवाडा से रवाना किया। बीडीएस की टीम ने बड़ी ही बारीकी से पेड़ की आड़ लेकर 3 किलो बम को बड़े डंडे के सहारे बाहर निकाल उसको डिफ्यूज किया और एक बड़ी घटना होते होते टल गई। आपको बता दे कि इसी जगह पर कुछ दिन पहले ट्रांगल में तीन कमान IED नक्सलियों ने लगा रखा था और बड़ा धमाका करना चाहते थे जिसको भी जवानों ने नाकाम कर दिया था।
NMDC लौह अयस्क खदानों की सुरक्षा करते है CISF के जवान
इस पूरे माइनिंग क्षेत्र की सुरक्षा की कमान सीआईएसएफ जवानों के कंधे पर है और अक्सर जवान अपने 11सी सीआईएसएफ कैम्प से 300 मीटर की दूरी कर धोबी घाट लोहा गांव जाने वाले जगह पर सर्चिंग करते है। इसी रास्ते से बैलाडिला की पहाड़ियों के पीछे तराई में बसे गांव के लोग इसी तिराहे से शटल बस पकड़ कर किरंदुल मुख्य बाजार अपनी दैनिक उपयोगी सामग्री खरीदने आते है। किस वक़्त नक्सलियों ने ये बम प्लान किया ये बड़ा सवाल है। सीआईएसएफ के जवानों को ओर ज्यादा चौकन्ना रहने की जरूरत है।
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