जींद: भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन अपने अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी परीक्षण (Technical Testing) के लिए पूरी तरह तैयार है। दिल्ली के शकूरबस्ती वर्कशॉप में सफल परीक्षण के बाद, अब इस ट्रेन को जींद रेलवे जंक्शन पर लाया गया है, जहाँ 24 जून को इसे 120 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार पर दौड़ाकर परखा जाएगा। लखनऊ से आ रही RDSO की विशेषज्ञ टीम ट्रेन के लोड, स्पीड और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच करेगी।
💰 बजट और रूट की मुख्य विशेषताएं
करीब 120 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह ‘ग्रीन हाइड्रोजन’ प्रोजेक्ट जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर के सफर को आसान बनाएगा।
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किराया: पूरे सफर का किराया मात्र 25 रुपये तय किया गया है।
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स्टॉपेज: जींद जंक्शन, पांडू पिंडारा, भंभेवा, गोहाना जंक्शन, मोहाना और सोनीपत जंक्शन।
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समय: जींद से सोनीपत तक का सफर अब मात्र एक घंटे में पूरा हो सकेगा।
🌿 हाइड्रोजन ट्रेन की बेमिसाल खासियतें
यह ट्रेन पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल (Eco-friendly) है। इसके संचालन से किसी भी प्रकार का प्रदूषण नहीं होगा, उत्सर्जन के रूप में केवल पानी और भाप ही निकलेगी।
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तकनीक: इसमें पारंपरिक इंजन के स्थान पर ‘हाइड्रोजन फ्यूल सैल’ का उपयोग किया गया है।
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पावर बैकअप: हैवी ड्यूटी लिथियम-आयन बैटरी लगाई गई है, जो ट्रेन को अतिरिक्त पावर और बैकअप प्रदान करती है।
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क्षमता: इस ट्रेन में एक बार में बड़ी संख्या में यात्रियों के सफर करने की सुविधा होगी।
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