लुधियाना: 3 मई को हुई नीट परीक्षा के विवादों और पेपर लीक के साये को पीछे छोड़ते हुए, नैशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कड़ी निगरानी के बीच नीट-यू.जी. की दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की। लुधियाना के 15 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के इंतजाम किसी ‘अभेद्य किले’ से कम नहीं थे। पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सेंटर्स पर सीसीटीवी कैमरों और जैमर्स की तैनाती की गई थी।
🔍 कड़ी सुरक्षा और सघन तलाशी
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा का स्तर इतना सख्त था कि अभ्यर्थियों को प्रवेश से पहले एक-एक दस्तावेज की गहन जांच से गुजरना पड़ा। नियमों की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक छात्रा को अपने कानों की बालियां (ईयररिंग) तक उतारनी पड़ीं। दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक चली इस परीक्षा में छात्रों को सहूलियत के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया गया था।
🧠 तीन विषयों ने करवाई दिमागी कसरत
परीक्षा खत्म होने के बाद बाहर निकले विद्यार्थियों के चेहरों पर मिले-जुले भाव थे। अधिकांश अभ्यर्थियों का मानना था कि फिजिक्स और केमिस्ट्री के सवालों ने उन्हें काफी परेशान किया।
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राहुल: पेपर अच्छा था, लेकिन फिजिक्स के सेक्शन ने थोड़ा उलझाया।
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कुनाल: पेपर का स्तर आसान से मध्यम के बीच था, बायोलॉजी ने कुछ राहत दी।
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सारंग व अमनप्रीत: इनका मानना था कि यह पेपर 3 मई वाली परीक्षा के मुकाबले काफी कठिन था। फिजिक्स के सवाल लंबे होने के कारण उन्हें हल करने में अधिक समय लगा।
📊 लुधियाना का उपस्थिति आंकड़ा
लुधियाना के 15 केंद्रों पर कुल 5268 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी, जिसमें से 4542 छात्र उपस्थित रहे, जबकि 726 विद्यार्थी गैर-हाजिर पाए गए। कड़े सुरक्षा घेरे और पारदर्शी व्यवस्था के बीच यह री-नीट परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्वक संपन्न हुई।
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