Jharkhand Monsoon Update: मानसून की कमजोर शुरुआत; झारखंड में सामान्य से 59% कम बारिश, किसानों की बढ़ी चिंता

झारखण्ड

रांची: झारखंड में मानसून ने दस्तक तो दी है, लेकिन इसकी शुरुआत काफी कमजोर रही है। मौसम केंद्र, रांची के आंकड़ों के अनुसार, 01 जून से 18 जून 2026 के बीच राज्य में औसत वर्षा मात्र 30.8 मिलीमीटर दर्ज की गई है, जबकि सामान्य स्थिति में यह 74.9 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। इस प्रकार राज्य में कुल वर्षा में 59% की भारी कमी देखी जा रही है।

📉 जिलों की स्थिति: 23 जिलों में औसत से कम बारिश

राज्य के अधिकांश जिलों में मानसून का प्रभाव नगण्य रहा है। रांची एकमात्र ऐसा जिला है, जहां मानसून सामान्य रहा है (86.9 मिमी बारिश, जो सामान्य से 12% अधिक है)। वहीं, अन्य 23 जिलों में स्थिति काफी खराब है:

  • गढ़वा: 100% कम बारिश (0 मिमी)।

  • पलामू और साहिबगंज: 97% की कमी।

  • चतरा: 95% की कमी।

  • लोहरदगा: 94% की कमी।

  • सरायकेला-खरसावां: 84% की कमी।

🚜 कृषि गतिविधियों पर पड़ रहा असर

मानसून की इस बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। झारखंड में धान की खेती मुख्य आधार है, और कम बारिश के कारण बिचड़े (नर्सरी) तैयार करने में भारी परेशानी हो रही है। हालांकि, मौसम केंद्र ने आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।

🌤️ क्या आगे सुधरेगी स्थिति?

मौसम केंद्र के निदेशक बाबूराज पीपी ने बताया कि फिलहाल मानसून के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं होने के कारण यह रांची से आगे नहीं बढ़ पाया है। हालांकि, जून के अंतिम सप्ताह (अनुमानतः 23 जून के आसपास) बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे राज्य में अच्छी बारिश की उम्मीद जगी है। फिलहाल, विभाग ने लोगों को गरज-चमक और वज्रपात के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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