रांची: झारखंड में 15 से 20 जून के बीच मानसून की संभावना को देखते हुए रांची नगर निगम ने कमर कस ली है। हर साल बारिश के दौरान शहर के कोकर, महावीर नगर, खोरहाटोली जैसे इलाकों में जलजमाव और घरों में पानी घुसने की समस्या को ध्यान में रखते हुए इस बार निगम ने ‘एंड-टू-एंड’ मानसून तैयारी शुरू की है। निगम का दावा है कि इस बार समस्या उत्पन्न होने से पहले ही उसका समाधान करने पर जोर दिया जा रहा है।
🚧 निगम का क्या है मानसून प्लान?
नगर निगम ने जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तीन स्तरों पर काम शुरू किया है:
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नालों की व्यापक सफाई: शहर के सभी प्रमुख नालों से गाद निकालने का कार्य तेज कर दिया गया है ताकि पानी का बहाव न रुके।
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संवेदनशील क्षेत्रों पर फोकस: कोकर चौक, सफायर अस्पताल, बांधगाड़ी जैसे हर साल जलमग्न होने वाले इलाकों में डेल्टा प्वाइंट का चौड़ीकरण किया जा रहा है।
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अतिक्रमण पर प्रहार: नालों पर अवैध निर्माण और स्लोप (ढलान) को चिन्हित करने के लिए ड्रोन मैपिंग का सहारा लिया जा रहा है।
⚖️ नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
निगम ने स्पष्ट किया है कि नालियों को जाम करने वाले या अतिक्रमण करने वालों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई भवन निर्माण सामग्री नालियों में डालता है, या सीधे सड़क पर पानी बहाता है, तो उसके खिलाफ दंड का प्रावधान है। नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने बताया कि अधिकारियों को ‘गेम्बा वॉक’ (जमीनी निरीक्षण) के जरिए हर समस्या को समय रहते सुलझाने का कड़ा निर्देश दिया गया है।
🚀 माइक्रो-लेवल मॉनिटरिंग और भविष्य की राह
निगम का उद्देश्य केवल बारिश के दौरान राहत कार्य करना नहीं, बल्कि ऐसी तकनीकी व्यवस्था तैयार करना है जिससे समस्या उत्पन्न ही न हो। पिछले वर्षों के डेटा और जलजमाव वाले बिंदुओं की समीक्षा कर रणनीति बनाई गई है। हालांकि, इन दावों की असली परीक्षा मानसून की पहली भारी बारिश के बाद ही होगी। फिलहाल, रांची नगर निगम पूरी तरह से ‘अलर्ट मोड’ में है।
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