Monsoon Update 2026: देश में मानसून की धमाकेदार एंट्री, केरल पहुंचे बदरा; दिल्ली-NCR में भारी बारिश से बदला मौसम

दिल्ली

देश के लिए मौसम के मोर्चे से बहुत बड़ी खबर है। केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक एंट्री हो गई है. इसके साथ ही उत्तर भारत के मौसम में भी बड़ा बदलाव आया है और दिल्ली तथा उसके आसपास के इलाकों (NCR) में भी भारी बारिश शुरू हो गई है. तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हो रही इस बारिश से पूरी राजधानी का मौसम बेहद सुहावना हो गया है और लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है. गुरुग्राम और नोएडा के अलावा दिल्ली के पटेल नगर, दिल्ली छावनी, करोल बाग, मॉडल टाउन, रोहिणी, छतरपुर, मालवीय नगर, महरौली, नजफगढ़, द्वारका, जनकपुरी, राजौरी गार्डन, कनॉट प्लेस और इंडिया गेट समेत पूरे एनसीआर में झमाझम बरसात हो रही है.

🌡️ दिल्ली में न्यूनतम तापमान 29.7 डिग्री दर्ज, मौसम विभाग का ‘येलो अलर्ट’

गुरुवार की सुबह दिल्ली में न्यूनतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. मौसम कार्यालय ने पहले ही दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लिए गरज-चमक के साथ भारी बारिश और आंधी की संभावना जताते हुए ‘येलो अलर्ट’ (Yellow Alert) जारी कर दिया था। दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों की बात करें तो गुरुवार की सुबह पालम में न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.4 डिग्री अधिक है. लोधी रोड पर यह 28.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक है. वहीं, रिज क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक है, जबकि आयानगर में यह 28.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक है.

🗺️ 3 दिन की देरी से केरल पहुंचा मानसून, इन राज्यों की ओर बढ़ा आगे

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दिल्ली में गुरुवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. इस बीच देश में मानसून की भी एंट्री हो गई है. गुरुवार को केरल में मानसून ने प्रवेश किया, हालांकि इस बार मानसून अपनी सामान्य तिथि से 3 दिन की देरी से पहुंचा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आधिकारिक बुलेटिन के मुताबिक, ‘दक्षिण-पश्चिम मानसून चार जून, 2026 को दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के शेष हिस्सों, पश्चिम-मध्य और पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ भागों, पूरे लक्षद्वीप द्वीपसमूह, केरल और माहे, कर्नाटक तथा तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, कोमोरिन क्षेत्र के शेष भागों, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों तक तेजी से आगे बढ़ गया है.’

📉 इस साल देश में 90% बारिश का अनुमान, पहले 26 मई की थी संभावना

इससे पहले मौसम विभाग ने अनुमानों के आधार पर 26 मई तक ही मानसून के केरल पहुंचने की संभावना जताई थी, लेकिन चक्रवातों और हवाओं के रुख के कारण इसमें थोड़ी देरी हुई. मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल देश में मौसमी वर्षा, दीर्घकालिक औसत (LPA) की लगभग 90 प्रतिशत रहने की संभावना है, जो खेती और जलाशयों के लिए एक सामान्य संकेत है।

✈️ दिल्ली में खराब मौसम का हवाई सेवाओं पर असर: 11 फ्लाइटें दूसरे एयरपोर्ट डायवर्ट

वहीं दूसरी ओर, दिल्ली में अचानक आए इस खराब मौसम और तेज आंधी-तूफान का सीधा असर हवाई सेवाओं पर भी देखने को मिला. प्रतिकूल मौसम और दृश्यता (Visibility) कम होने की वजह से दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग से पहले 13 उड़ानों को हवा में ही चक्कर (Go-Around) काटना पड़ा. इनमें से 11 महत्वपूर्ण उड़ानों को सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली के बजाय दूसरे नजदीकी हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट (Divert) किया गया, जबकि दो विमान मौसम थोड़ा साफ होने के बाद सुरक्षित रूप से दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने में सफल रहे. मौसम में अचानक आए इस बदलाव के कारण उड़ान संचालन कुछ समय के लिए अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।

संपादकीय टिप्पणी: मानसून का आगमन कृषि प्रधान भारत के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है, लेकिन पहली ही बारिश में उड़ानों का प्रभावित होना और शहरों में जलभराव (Waterlogging) की स्थिति बुनियादी ढांचे की पोल खोल देती है। क्या आपको लगता है कि मानसून के स्वागत के साथ-साथ हमारे शहरों के ड्रेनेज सिस्टम और एयरपोर्ट सेफ्टी को मौसम के अनुसार और अधिक एडवांस बनाने की जरूरत है? अपने विचार नीचे साझा करें।

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