सनातन धर्म में ज्येष्ठ माह के मंगलवारों का विशेष महत्व है, जिन्हें ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ कहा जाता है। आज ज्येष्ठ मास का पांचवां बड़ा मंगल है। मान्यता है कि इस पवित्र दिन पर बजरंगबली की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से जीवन के बड़े से बड़े संकट दूर हो जाते हैं। यदि आप भी अपने जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार चाहते हैं, तो आज हनुमान जी को उनके प्रिय भोग अर्पण करना न भूलें।
🍬 हनुमान जी को अर्पित करें ये विशेष भोग
हनुमान जी की भक्ति में भोग का विशेष स्थान है। आप अपनी श्रद्धा के अनुसार निम्नलिखित वस्तुओं का भोग लगा सकते हैं:
-
बूंदी के लड्डू: यह बजरंगबली को सबसे प्रिय है। श्रद्धापूर्वक लड्डू अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
-
चना और गुड़: भुने हुए चने और गुड़ का भोग सुख-सौभाग्य में वृद्धि करता है।
-
तुलसी के पत्ते: हनुमान जी को भोग में तुलसी के पत्ते मिलाकर अर्पण करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
-
केसरिया सिंदूर और चमेली का तेल: सिंदूर चढ़ाकर चमेली के तेल का दीपक जलाने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और बाधाएं दूर होती हैं।
-
मौसमी फल: केले, आम और अन्य मौसमी फलों का भोग लगाकर उसे प्रसाद के रूप में वितरित करें।
-
चूरमा: घी, गुड़ या चीनी से बना चूरमा हनुमान जी को अत्यंत प्रिय है।
🗓️ आने वाले बड़े मंगल की तिथियां
यदि आप पिछले मंगलवारों पर पूजा नहीं कर पाए हैं, तो चिंता न करें। ज्येष्ठ माह के शेष तीन बड़े मंगल पर आप पूरी श्रद्धा से पूजा कर सकते हैं:
-
छठा बड़ा मंगल: 9 जून 2026
-
सातवां बड़ा मंगल: 16 जून 2026
-
आठवां बड़ा मंगल: 23 जून 2026
🙏 पूजा के दौरान रखें इन बातों का ध्यान
बड़े मंगल के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान-ध्यान करें और स्वच्छ लाल वस्त्र धारण करें। हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करना विशेष फलदायी है। पूजा के पश्चात अपनी सामर्थ्य अनुसार दान-पुण्य जरूर करें, क्योंकि हनुमान जी की सेवा का अर्थ ही जरूरतमंदों की सहायता करना है। सच्चे मन से की गई सेवा ही बजरंगबली को सबसे प्रिय है।
संपादकीय टिप्पणी: क्या आपको लगता है कि बड़े मंगल जैसे सामूहिक धार्मिक आयोजनों से समाज में एकता और परोपकार की भावना को बढ़ावा मिलता है? अपने विचार नीचे साझा करें।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
