रायपुर: छत्तीसगढ़ में नौतपा की भीषण तपिश के बीच बुधवार को अचानक मौसम ने करवट ली। राजधानी रायपुर में दोपहर के समय तेज हवाओं के साथ हुई झमाझम बारिश ने लोगों को चिलचिलाती धूप से कुछ पल के लिए राहत तो दी, लेकिन आंधी की रफ्तार ने शहर में भारी तबाही मचाई। आंधी की गति 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई।
🌳 आंधी का असर: यातायात और विद्युत सेवा ठप
तेज हवाओं का असर शहर के विभिन्न हिस्सों में साफ नजर आया। ऑक्सीजन पार्क और रेलवे स्टेशन के पास भारी भरकम पेड़ उखड़कर सड़कों पर आ गिरे, जिससे यातायात व्यवस्था कुछ देर के लिए पूरी तरह ठप हो गई। इसके अलावा, बिजली के खंभों और तारों पर पेड़ों के गिरने से शहर के कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित रही, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ।
🌪️ क्यों बदला अचानक मौसम का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिक एस.के. अवस्थी के अनुसार, इस अचानक आए बदलाव के पीछे मौसमी तंत्र सक्रिय है। उन्होंने बताया कि दक्षिण बिहार और उसके आसपास के इलाकों में बने ‘साइक्लोनिक सर्कुलेशन’ और आंध्र प्रदेश तक बनी ‘ट्रफ लाइन’ (द्रोणिका) के कारण छत्तीसगढ़ में यह बदलाव हुआ है। हालांकि बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसके बाद वातावरण में उमस बढ़ सकती है, जो लोगों को और भी परेशान कर सकती है।
⚠️ सावधानी और अलर्ट
मौसम विभाग ने आने वाले समय में भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज आंधी के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और जर्जर पेड़ों व बिजली के तारों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। हालांकि बारिश ने नौतपा की तपिश से थोड़ी राहत दी है, लेकिन प्रशासन और नगर निगम की टीमें सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने और बिजली व्यवस्था को सुचारू करने के काम में जुटी हुई हैं।
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