Weather Update: दिल्ली-यूपी समेत कई राज्यों में भीषण लू का ऑरेंज अलर्ट; आज 44 डिग्री तक जा सकता है पारा

दिल्ली

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश समेत पूरा उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत इस समय भीषण गर्मी से तप रहा है। जानलेवा हीटवेव (लू) के कारण दोपहर के समय लोगों का घरों से बाहर निकलना पूरी तरह मुश्किल हो गया है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली में चिलचिलाती धूप और लू को लेकर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जबकि उत्तर प्रदेश में भी रेड और ऑरेंज अलर्ट के जरिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। हालांकि, शनिवार को दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में तेज आंधी के बाद हुई हल्की बूंदाबांदी से शाम को मामूली राहत जरूर मिली थी। शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, लेकिन रविवार (24 मई) को सूर्य देव के तेवर और कड़े होने के आसार हैं और आज अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान जताया गया है।

🥵 देश के ये राज्य रहेंगे भीषण लू की चपेट में: 28 मई तक पश्चिम राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में चलेगी धूलभरी आंधी

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, विदर्भ और बिहार समेत देश के कई राज्य आगामी दिनों में भीषण लू की चपेट में रहेंगे। आईएमडी ने विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में ‘गंभीर लू’ (Severe Heatwave) की स्थिति बनने की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही, पश्चिमी राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में भी 24 से 28 मई के बीच पड़ने वाली भीषण गर्मी लोगों को बेहद परेशान करेगी। इस दौरान दिल्ली के आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और गरज के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में तेज धूलभरी आंधी चल सकती है। बिहार और झारखंड में भी 24 और 25 मई को तेज रफ्तार आंधी चलने का पूर्वानुमान है।

🌧️ बंगाल की खाड़ी तक पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून: 26 मई तक केरल के तटों पर टकराने की उम्मीद

भीषण गर्मी की इस मार के बीच राहत की एक अच्छी खबर भी सामने आई है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा दक्षिणी अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कुछ और हिस्सों तक सफलतापूर्वक पहुंच चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मानसून की अनुकूल परिस्थितियां बनते ही यह दक्षिण-पूर्व अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के बाकी बचे हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि केरल में मानसून निर्धारित समय के आसपास यानी 26 मई तक अपनी पहली दस्तक दे सकता है, जिसके बाद देश में मानसूनी बारिश का दौर शुरू होगा।

🌡️ विदर्भ का ब्रह्मपुरी रहा देश में सबसे गर्म: 47.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा पारा, रातें भी हुईं बेहद गर्म

आईएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, देश के कई मैदानी हिस्सों में दिन का अधिकतम तापमान इस समय 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है। बीते दिन विदर्भ क्षेत्र का ब्रह्मपुरी इलाका देश में सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया, जहां पारा 47.2 डिग्री सेल्सियस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। केवल दिन ही नहीं, बल्कि रात का तापमान भी इस समय सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है, जिसके कारण मैदानी इलाकों के लोगों को ‘गर्म रातों’ (Warm Nights) का सामना करना पड़ रहा है। रात में भी उमस और गर्म हवाओं के कारण लोगों को चैन नहीं मिल पा रहा है।

🏔️ उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश का मौसम: पहाड़ी राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि से गिरेगा तापमान

दिल्ली, राजस्थान और यूपी में जहां एक तरफ मैदानी इलाकों के लोग भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से झुलस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर देश के पहाड़ी राज्यों के लिए मौसम विभाग ने राहत भरा अनुमान लगाया है। आईएमडी के अनुसार, अगले 48 घंटों के भीतर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई ऊंचाई वाले इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की प्रबल संभावना है। इस पर्वतीय मौसमी हलचल से पहाड़ों के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे वहां छुट्टियां मना रहे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को चिलचिलाती गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

⛈️ पूर्वोत्तर के इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट: भूस्खलन और जलभराव की चेतावनी जारी

एक तरफ जहां उत्तर भारत पानी और ठंडी हवा के लिए तरस रहा है, वहीं दूसरी तरफ पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू होने वाला है। मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28 मई तक मूसलाधार बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की पीली और नारंगी चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कुछ संवेदनशील जगहों पर ‘बेहद भारी बारिश’ (Very Heavy Rainfall) होने की आशंका जताई गई है, जिसके कारण पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (Landslides) और निचले रिहाइशी इलाकों में गंभीर जलभराव (Waterlogging) की स्थिति पैदा हो सकती है। स्थानीय प्रशासन को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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