Durg Crime News: दुर्ग में दिल दहला देने वाली वारदात; चौपाटी से लौटने के बाद एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत

छत्तीसगढ़

दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बेहद ही दिल दहला देने वाली और खौफनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे सूबे को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक ही हंसते-खेलते परिवार के चार लोगों की रहस्यमयी और दर्दनाक मौत ने पुलिस प्रशासन के भी होश उड़ा दिए हैं। मरने वालों में दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी उम्र महज 11 और 13 साल थी। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश और फॉरेंसिक जांच में यह बात सामने आई है कि पति-पत्नी के बीच पिछले लंबे समय से गंभीर घरेलू विवाद चल रहा था। पत्नी को अपने पति के चरित्र पर गहरा शक था कि उसका किसी अन्य बाहरी महिला के साथ अवैध संबंध है। दिल दहला देने वाली यह पूरी घटना दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आर्य नगर इलाके की है। पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की मर्डर व सुसाइड दोनों एंगल्स से जांच कर रही है।

मृतकों की आधिकारिक पहचान गोविंद साहू (पति), चंचल साहू (पत्नी), उनकी 13 वर्षीय मासूम बेटी दृष्टि और 11 वर्षीय छोटे बेटे यशांत के रूप में पुख्ता की गई है। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार सुबह दोनों बच्चों के शव बेडरूम में बिस्तर पर पड़े मिले, जबकि पति-पत्नी की लाशें घर के अलग-अलग कमरों में छत के फंदे से लटकती हुई पाई गईं। मृत बच्चों के गले और शरीर पर रस्सी व जकड़न के गहरे निशान मिलने के बाद डॉक्टरों और पुलिस ने यह गंभीर आशंका जताई है कि पहले बच्चों की गला घोंटकर बेरहमी से हत्या की गई और उसके बाद दंपती ने खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

🎡 मौत से चंद घंटे पहले तक सब कुछ सामान्य था: चौपाटी पर बच्चों को आइसक्रीम खिलाई, रात को पूरा परिवार खत्म

स्थानीय पड़ोसियों और रिश्तेदारों से मिली जानकारी के अनुसार, इस खौफनाक वारदात के एक दिन पहले तक परिवार में बाहर से देखने पर सब कुछ बिल्कुल सामान्य और शांत नजर आ रहा था। बीते गुरुवार की शाम को खुद गोविंद और चंचल अपने दोनों बच्चों को लेकर शहर की चौपाटी पर घुमाने ले गए थे। वहां उन्होंने बच्चों को उनकी पसंद की आइसक्रीम खिलाई, लेमन सोडा पिलाया और पूरा परिवार काफी देर तक एक साथ हंसता-मुस्कुराता हुआ घूमता रहा। आस-पास के दुकानदारों या पड़ोसियों को दूर-दूर तक इस बात का रत्ती भर भी अंदाजा नहीं था कि रात होते-होते इस हंसते-खेलते परिवार के भीतर ऐसा खूनी तांडव मचेगा कि यह परिवार हमेशा के लिए इतिहास बन जाएगा।

🚪 सुबह कमरे के अंदर का खौफनाक नजारा देख घरवालों के उड़े होश: बुजुर्ग मां की आवाज पर नहीं खुला दरवाजा, तोड़ा गेट

घटनाक्रम के मुताबिक, शुक्रवार की सुबह जब काफी देर तक गोविंद के कमरे का दरवाजा नहीं खुला और अंदर से कोई हलचल सुनाई नहीं दी, तो गोविंद की बुजुर्ग मां ने खिड़की से आवाज लगाई। बहुत देर तक कोई प्रतिक्रिया या जवाब नहीं मिलने पर घरवालों को अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने पड़ोसियों की मदद से मुख्य दरवाजा तोड़ दिया। जैसे ही लोग कमरे के अंदर दाखिल हुए, वहां का भयावह नजारा देखकर सबकी चीख निकल गई और होश उड़ गए।

गोविंद और उसकी पत्नी चंचल की लाशें अलग-अलग कमरों में सीलिंग फैन के फंदे से लटकी झूल रही थीं, जबकि उनके दोनों मासूम बच्चे बिस्तर पर बेजान पड़े थे। बच्चों के गले पर गहरे निशान थे। सूचना मिलते ही एएसपी (सिटी) सुखनंदन राठौर भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला दंपती द्वारा पहले बच्चों को मौत के घाट उतारने और फिर खुदकुशी करने का लग रहा है।

📝 मौके से बरामद हुआ दो पन्नों का सुसाइड नोट: डायरी में लिखा—”पति के दूसरी महिलाओं से संबंध थे, मैं मानसिक रूप से टूट चुकी थी”

सघन तलाशी के दौरान मोहन नगर पुलिस को घटनास्थल से मृतका चंचल के हाथ का लिखा हुआ दो पन्नों का एक विस्तृत सुसाइड नोट बरामद हुआ है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस नोट में पत्नी चंचल ने अपने दिल का दर्द बयां करते हुए साफ लिखा है कि उसके पति गोविंद के कई दूसरी महिलाओं के साथ अनैतिक संबंध थे, जिसके कारण उनके बीच लगातार गंभीर घरेलू विवाद और मारपीट होती रहती थी। चंचल ने सुसाइड नोट में लिखा कि शादी के कुछ ही वर्षों के बाद से उनके पवित्र रिश्ते में तनाव इस कदर बढ़ता गया कि वह अंदर से पूरी तरह मानसिक रूप से टूट चुकी थी और अब जीना नहीं चाहती थी।

जांच अधिकारियों का मानना है कि चंचल ने कई दिन पहले से ही बच्चों के साथ इस आत्मघाती कदम को उठाने का मन बना लिया था। पुलिस को शक है कि 13 साल की बेटी दृष्टि और 11 साल के बेटे यशांत को मां ने रात के समय पहले दूध में मिलाकर भारी मात्रा में नींद की दवा दी, ताकि वे बेसुध हो जाएं और बाद में विरोध न कर सकें। इसके बाद सुइयों और दवा के ओवरडोज या फंदे के जरिए उन्हें हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया गया। वहीं पति गोविंद के बारे में जांच में पता चला है कि घटना की रात वह अत्यधिक नशे की हालत में था, जिसका फायदा उठाया गया। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट और फॉरेंसिक लैब की जांच के आधार पर इस सामूहिक हत्याकांड की एक-एक कड़ियों को वैज्ञानिक तरीके से जोड़ रही है।

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