Bilaspur News: जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य के आगमन से भक्तिमय हुआ बिलासपुर; चरण पादुका पूजन में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

छत्तीसगढ़

बिलासपुर: बुधवार को जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज बिलासपुर पहुंचे. यहां वे समाजसेवी प्रवीण झा के रामा वर्ल्ड स्थित निवास पर पहुंचे. रामभद्राचार्य के शहर पहुंचते ही आध्यात्मिक ऊर्जा, भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला. सुबह 9 बजे से ही निवास परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी. भव्य स्वागत, वैदिक मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन के बीच चरण-पादुका पूजन का दिव्य आयोजन किया गया. लोगों ने उनकी पूजन कर आशीर्वाद लिया. इस दौरान परिवार, मित्रों और श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक अनुभूति का अनुभव किया.

स्वामी रामभद्राचार्य का संदेश

स्वामी रामभद्राचार्य ने इस अवसर पर कहा कि जिस घर में संस्कार, सेवा और श्रद्धा का दीप जलता है, वहां ईश्वर स्वयं निवास करते हैं. परिवार और समाज के प्रति समर्पण ही सच्ची साधना है. उन्होंने प्रवीण झा परिवार की धार्मिक आस्था और सामाजिक सेवा की सराहना की. इस दौरान उन्होने प्रवीण झा से पारिवारिक और सामाजिक विषयों पर आत्मीय चर्चा की. अंत में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया. इस पावन अवसर पर श्रद्धा, अनुशासन और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनूठा संगम दिखाई दिया.

कौन हैं आचार्य स्वामी रामभद्राचार्य जी

आचार्य स्वामी रामभद्राचार्य देश के सुप्रसिद्ध संत, रामकथा व्यास और आध्यात्मिक चिंतक माने जाते हैं. वे भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और मानव सेवा को जीवन का मूल आधार मानते हैं. देशभर में उनके प्रवचन लाखों लोगों को धर्म, संस्कार और सकारात्मक जीवन की प्रेरणा देते हैं. सरल व्यक्तित्व और प्रभावशाली वाणी के कारण वे हर वर्ग में विशेष सम्मान रखते हैं. उनके सानिध्य में पहुंचने वाले श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति और आत्मिक ऊर्जा का अनुभव करते हैं.

मेरे जीवन का अविस्मरणीय क्षण: प्रवीण झा

समाजसेवी प्रवीण झा ने कहा कि स्वामी भद्राचार्य जी का उनके निवास पर आगमन उनके परिवार के लिए सौभाग्य और आध्यात्मिक उपलब्धि जैसा है. उन्होंने कहा कि चरण-पादुका पूजन के दौरान जो आत्मिक शांति और ऊर्जा मिली, उसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नही है.

मन को मिली अद्भुत शांति:रौशन सिंह

सामाजिक कार्यकर्त्ता भाजयुमो नेता रौशन सिंह ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्वामी भद्राचार्य जी के दर्शन मात्र से मन को अद्भुत शांति मिली. उन्होंने कहा कि जब स्वामी जी ने आशीर्वाद देते हुए सेवा और विनम्रता को जीवन का सबसे बड़ा धर्म बताया, तब वह क्षण भावुक कर देने वाला था. रौशन सिंह के अनुसार आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ऐसे आध्यात्मिक आयोजन लोगों को मानसिक शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं. उन्होंने आयोजन की भव्यता और अनुशासन की भी सराहना की.

बच्चों व महिलाओं ने भी किए संत के दर्शन

स्वामी भद्राचार्य के आगमन को लेकर महिलाओं और बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला.सुबह से ही बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा मे पहुंचीं और पूजन-अर्चना में शामिल हुईं. बच्चों ने भी संत के दर्शन कर आशीर्वाद लिया. भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक माहौल ने सभी को भावविभोर कर दिया.महिलाएं दर्शन कर भावुक नजर आईं. इस दौरान सभी श्रद्धालुओं ने अनुशासन के साथ दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया.

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