Bengal Election 2026: भारी बारिश के बीच अचानक स्ट्रॉन्ग रूम पहुँचीं ममता बनर्जी; EVM छेड़छाड़ के आरोपों पर चुनाव आयोग ने दिया जवाब

देश

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने के बाद भी वहां पर जबर्दस्त राजनीतिक माहौल बना हुआ है. टीएमसी और बीजेपी में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. वोटिंग के बाद ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ में रखे EVM को लेकर राज्य में हाई वोल्टेज ड्रामा बना हुआ है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सीट भवानीपुर में भी खासी हलचल रही. टीएमसी नेताओं की ओर से ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ में गड़बड़ी के आरोप लगाए जाने के बाद खुद ममता भी वहां पहुंचीं.

इससे पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता ने कल गुरुवार को दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर के एक ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा कर धांधली का आरोप लगाया. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि मतगणना प्रक्रिया से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जाए. भवानीपुर के सखावत मेमोरियल स्कूल के मतगणना केंद्र में चार घंटे रहने के बाद ममता देर रात 12 बजे के बाद वहां से निकल गईं.

भारी बारिश के बीच ममता स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं और मतगणना केंद्र की मुआयना करने की वजह के बारे में कहा, “जनता के वोटों को सुरक्षित रखा जाना चाहिए. मैं कई शिकायतें मिलने के बाद यहां पहुंची. शुरू में केंद्रीय सुरक्षा बलों ने मुझे अंदर जाने दिया.” उन्होंने यह भी कहा कि निर्दिष्ट मतगणना क्षेत्र में सिर्फ एक शख्स को ही जाने की इजाजत दी जाएगी.

BJP के लोगों ने रोक दी TMC की गाड़ी

इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं ने कल भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में टीएमसी के एक गाड़ी की आवाजाही रोक दी, क्योंकि उनका दावा है कि ममता उसमें “कुछ लेकर आई हैं.”

भवानीपुर में बीती रात नाटकीय घटनाक्रम दिखा जब BJP के कई कार्यकर्ताओं ने कुछ संदिग्ध गतिविधियों का आरोप लगाते हुए TMC की एक गाड़ी को घेर लिया. कार्यकर्ताओं में से एक को यह कहते हुए सुना गया, “इस गाड़ी में कुछ रखा गया है. ममता अपनी गाड़ी में कुछ लेकर आई हैं.” उन्होंने गाड़ी को आगे बढ़ने से रोक दिया और कहा कि इसे आगे नहीं जाने दिया जाएगा. बाद में, विरोध-प्रदर्शन और पुलिस की मौजूदगी के बीच, वह गाड़ी वहां से चली गई.

छेड़छाड़ की कोशिश बर्दाश्त नहीं: CM ममता

चार मई को होने वाली मतगणना से पहले ममता बनर्जी ने कहा, “यहां या तो उम्मीदवार या कोई एक एजेंट रुक सकता है. मैंने मीडिया के लिए भी एक सीसीटीवी कैमरा लगाने का सुझाव दिया है. उनका कहना है, “अगर मतगणना प्रक्रिया से छेड़छाड़ का कोई इरादा है तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.”

‘स्ट्रॉन्ग रूम’ में गड़बड़ी किए जाने का मामला तब सामने आया जब उत्तरी कोलकाता की 2 सीटों से टीएमसी के उम्मीदवार कुणाल घोष और शशि पांजा खुदीराम अनुशीलन केंद्र परिसर के बाहर धरना-प्रदर्शन के लिए बैठ गए. उनका आरोप था कि परिसर के ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ में रखी ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की जा रही है.

‘कमरों की लाइव फुटेज प्रत्याशियों के पास’

दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल में ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ में कथित छेड़छाड़ के आरोप को लेकर राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने साफ किया कि “स्ट्रांग रूम में कोई भी CCTV कैमरा बंद नहीं किया गया था.” उन्होंने यह भी कहा कि इन कमरों की लाइव फ़ुटेज सभी पार्टियों को उपलब्ध कराई गई थी.

अग्रवाल ने बताया कि सभी 8 स्ट्रांग रूम, जिनमें से 7 में EVM रखी थीं और एक में पोस्टल बैलेट की लाइव फ़ुटेज लगातार दिखाई जा रही थी, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को 3-स्तरीय सुरक्षा के बाहर से इसे देखने की अनुमति भी दी गई थी.

RO ने पहले ही दे दी थी जानकारीः EC

चुनाव आयोग का कहना है कि सब कुछ नियमों के अनुसार किया गया. ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ में शाम 4 बजे के आस-पास देखी गई गतिविधियों को लेकर जताई गई आशंकाओं पर अग्रवाल ने सफाई दी कि अधिकारियों ने नियमों के अनुसार ही पोस्टल बैलेट वाले स्ट्रांग रूम को खोला था, जिसकी जानकारी रिटर्निंग अधिकारी (Returning Officer, RO) ने पहले ही सभी उम्मीदवारों और पार्टियों को दे दी थी.

उन्होंने कहा, “नियम के अनुसार, सभी राजनीतिक पार्टियों को सूचित कर दिया गया था, सभी उम्मीदवारों को RO (रिटर्निंग अधिकारी) द्वारा सूचित किया गया था.” उन्होंने कहा, “उन्हें वहां आना चाहिए था. शाम 4 बजे के बाद 3 उम्मीदवार आए और उन्होंने पाया कि EVM के स्ट्रॉन्ग रूम सील थे, जबकि पोस्टल बैलेट का स्ट्रॉन्ग रूम खुला हुआ था. इसके बाद वे तीनों चले गए.”

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry