मुंबई (मीरा रोड): मीरा रोड इलाके में सुरक्षा गार्डों पर हुए हमले की गुत्थी उलझती जा रही है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अब मुंबई एटीएस (ATS) को सौंप दी गई है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह एक ‘लोन वुल्फ अटैक’ था, जिसे कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होकर अंजाम दिया गया।
अमेरिका से कनेक्शन और पारिवारिक विवाद
आरोपी जुबैर अंसारी का बैकग्राउंड काफी चौंकाने वाला है। जुबैर के माता-पिता मूल रूप से कुर्ला के रहने वाले हैं, लेकिन पिछले 20 वर्षों से अमेरिका में बस चुके हैं, जहाँ उसके पिता कैब ड्राइवर हैं। जुबैर 2019 में भारत लौटा था और पारिवारिक विवाद व इसी साल शादी टूटने के बाद से नया नगर इलाके में किराए के फ्लैट में अकेला रह रहा था।
ट्यूशन टीचर की आड़ में कट्टरपंथ का रास्ता?
जुबैर अंसारी नया नगर में ऑनलाइन साइंस, केमिस्ट्री और मैथ्स की ट्यूशन क्लासेज लेता था। एटीएस अब उन छात्रों से भी पूछताछ कर सकती है जिन्हें वह पढ़ाता था, ताकि पता चल सके कि क्या वह बच्चों के साथ भी कट्टरपंथी विचारधारा या ISIS पर चर्चा करता था।
तलाशी में मिला ‘मौत का नोट’ और संदिग्ध साहित्य
एटीएस ने जुबैर के किराए के फ्लैट की तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक चीजें बरामद की हैं:
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एक हस्तलिखित नोट जिसमें ‘लोन वुल्फ’ (Lone Wolf) हमले का जिक्र है।
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इस्लामिक स्टेट (ISIS) से जुड़े संदर्भ।
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एक लैपटॉप और धार्मिक साहित्य।
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मकान मालिक को दिए गए दस्तावेजों की भी गहराई से जांच की जा रही है।
कलमा नहीं पढ़ने पर किया चाकू से हमला
घटना रविवार सुबह करीब 4 बजे की है। निर्माणाधीन बिल्डिंग में तैनात सुरक्षा गार्ड राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो सेन ने बताया कि आरोपी ने पहले उनका नाम और धर्म पूछा, फिर उन्हें कलमा पढ़ने को कहा। जब गार्ड्स ने मना किया, तो आरोपी ने उन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। फिलहाल दोनों गार्ड्स की हालत स्थिर है।
जांच के दायरे में ‘हैंडलर’ का सवाल
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या अमेरिका में जुबैर का कोई ‘हैंडलर’ था जो उसे गाइड कर रहा था? क्या उसे विदेश से हमले के लिए उकसाया गया या यह उसकी अपनी सनक थी? एटीएस जुबैर के कॉल डेटा और लैपटॉप की बारीकी से जांच कर रही है।
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