मोहाली: गर्मी के मौसम को देखते हुए निगम ने पानी की बर्बादी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए निगम ने खास स्ट्रेटेजी बनाई है। इसके तहत पानी बर्बाद करने वालों के कनेक्शन काटे जाएंगे। यह एजेंडा गुरुवार को हुई आखिरी हाउस मीटिंग में पेश किया गया, जिसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। यह मौजूदा हाउस टर्म की आखिरी मीटिंग थी। नए नियमों के मुताबिक, घरों के आंगन या गार्डन में पाइप लगाकर पानी देना मना होगा।
इसके अलावा, पाइप से गाड़ियां धोने, पानी से सड़क, बरामदे या बालकनी धोने पर भी रोक लगा दी गई है। मेन लाइन से टुल्लू पंप या बूस्टर लगाकर पानी खींचने पर पूरी तरह रोक रहेगी। प्रस्ताव में यह भी साफ किया गया है कि घर की सीमा के अंदर तीन मीटर तक पाइपलाइन में किसी भी तरह का लीकेज नहीं होना चाहिए। साथ ही, छतों पर रखी पानी की टंकियों या डेजर्ट कूलर में सीधे पाइप लगाकर पानी भरना और उसे ओवरफ्लो होने देना भी मना होगा।
ये हैं शर्तें
पानी का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए, नियम का पहली बार उल्लंघन करने पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा, जिसे चेतावनी माना जाएगा। दूसरी बार उल्लंघन करने पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा, जो पानी के बिल में जोड़ा जाएगा। तीसरी बार उल्लंघन करने पर बिना नोटिस दिए पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा। कटे हुए कनेक्शन को दोबारा जोड़ने के लिए 5,000 रुपये का जुर्माना देना होगा और भविष्य में पानी बर्बाद न करने का एफिडेविट देना भी ज़रूरी होगा।
यह नियम मटौर, शाहीमाजरा, मदनपुरा, सुहाना और कुंबरा पर भी लागू
ये नियम फेज 1 से 11, सेक्टर 48-C, 65-E, 66 से 71 और 76 से 80 के एरिया में लागू होंगे। इसके साथ ही इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 से 5, फेज-6, फेज-8B और फेज-9 को भी इसमें शामिल किया गया है। निगम की हदबंदी में आने वाले गांव मटौर, शाहीमाजरा, मदनपुरा, सुहाना, कुंबड़ा और मोहाली के गांव भी इन नियमों के दायरे में आएंगे। कर्मचारियों के अलावा मीटिंग में टेबल आइटम के तौर पर कुछ प्रस्ताव भी रखे गए, जिन्हें हाउस ने सर्वसम्मति से पास कर दिया।
एकजुट हुए काउंसलर
मोहाली निगम के मौजूदा हाउस का टर्म पूरा होने के मौके पर हुई फाइनल मीटिंग इमोशनल और यादगार पलों से भरी रही। मेयर जीती सिद्धू की लीडरशिप में बुलाई गई मीटिंग में हाउस के सभी मेंबर शामिल हुए और अपने टर्म के अनुभव शेयर किए। मीटिंग के दौरान आम तौर पर दिखने वाले पॉलिटिकल मतभेदों और झगड़ों के अलावा, माहौल काफी दोस्ताना था। अलग-अलग पार्टियों के काउंसलरों ने पहले हुई बातचीत, झगड़ों और शिकायतों को भुलाकर एक-दूसरे से मेल-मिलाप का मैसेज दिया। कई मेंबरों ने अपने कार्यकाल में किए गए डेवलपमेंट के कामों और सामने आई चुनौतियों पर भी अपने विचार रखे। मेयर जीती सिद्धू ने अपने भाषण में हाउस के सभी मेंबरों का शुक्रिया अदा किया और कहा कि भले ही पॉलिटिकल विचार अलग-अलग थे, लेकिन शहर के डेवलपमेंट के लिए सभी ने मिलकर काम किया। उन्होंने कहा कि हाउस ने मोहाली के इंफ्रास्ट्रक्चर, सैनिटेशन और पब्लिक वेलफेयर स्कीमों को आगे बढ़ाने में अहम रोल निभाया है।
आखिर में सभी मेंबर एक साथ आए और ग्रुप फोटो खिंचवाई। इस दौरान हंसी-मजाक और पुरानी यादों ने माहौल को और भी रंगीन बना दिया। कई मेंबरों ने एक-दूसरे को गले लगाया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। यह आखिरी मीटिंग सिर्फ एक एडमिनिस्ट्रेटिव एक्शन नहीं थी, बल्कि यह एक ऐसा मौका बन गई जहां सभी मेंबरों ने पॉलिटिकल मतभेदों से ऊपर उठकर एकता और सहयोग का मैसेज दिया। मौजूदा हाउस की इस फेयरवेल मीटिंग को मोहाली कॉर्पोरेशन के इतिहास में एक यादगार पल के तौर पर याद किया गया।
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