उमरिया में 13 करोड़ की लागत से बने 369 सामुदायिक शौचालय बदहाल: कहीं लगे ताले, तो कहीं टोंटी-टंकियां ले उड़े चोर

मध्य प्रदेश

उमरिया (मध्य प्रदेश): उमरिया जिले के ग्रामीण अंचलों में स्वच्छता अभियान के तहत बनाए गए सार्वजनिक सामुदायिक शौचालय इन दिनों घोर उपेक्षा और बदहाली का शिकार हो चुके हैं।

करोड़ों रुपये की भारी-भरकम लागत से निर्मित ये शौचालय देखरेख के अभाव में केवल ‘शोपीस’ बनकर रह गए हैं। हालात इतने खराब हैं कि कई शौचालयों में दरवाजे टूटे पड़े हैं, जबकि कई स्थानों पर असामाजिक तत्वों व चोरों ने पानी की टंकियां, नल की टोटियां और फिटिंग की अन्य जरूरी सामग्रियां तक पार कर दी हैं।

💰 12.91 करोड़ की लागत से बने थे 369 सामुदायिक शौचालय, अब लटके हैं ताले

मध्य प्रदेश शासन द्वारा स्वच्छता को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों को पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त (ODF) बनाए रखने के उद्देश्य से उमरिया जिले में कुल 12 करोड़ 91 लाख 50 हजार रुपये की लागत से 369 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया था।

इसके अंतर्गत:

  • करकेली जनपद पंचायत: 160 सामुदायिक शौचालय

  • मानपुर जनपद पंचायत: 132 सामुदायिक शौचालय

  • पाली जनपद पंचायत: 77 सामुदायिक शौचालय

लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद वर्तमान में इनमें से अधिकांश इकाइयों में ताले लटक रहे हैं, जिससे स्वच्छता के दावों की पोल खुल रही है।

🗣️ ग्रामीणों और समाजसेवियों का आरोप: प्रशासनिक लापरवाही से जनता सुविधा से वंचित

स्थानीय ग्रामीण मोहनलाल बैगा ने बताया कि निर्माण के शुरुआती दिनों में लोगों ने कुछ समय तक इन शौचालयों का इस्तेमाल किया था। किंतु जैसे-जैसे समय बीता, नियमित सफाई और पानी की व्यवस्था न होने के कारण इनमें ताले जड़ दिए गए।

वहीं, समाजसेवी राम प्रकाश उपाध्याय ने प्रशासनिक तंत्र की उदासीनता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पंचायतों द्वारा इन शौचालयों की नियमित मॉनिटरिंग और देखरेख की जाती, तो हाट-बाजारों और गांवों के लोगों को खुले में जाने को मजबूर नहीं होना पड़ता।

👩‍💼 जिला कलेक्टर राखी सहाय ने लिया संज्ञान, व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का दिया आश्वासन

सामुदायिक शौचालयों की बदहाली का मामला संज्ञान में आने के बाद जिला कलेक्टर राखी सहाय ने स्थिति की समीक्षा की है।

कलेक्टर ने बताया कि अधिकांश शौचालयों के बंद होने और सामग्री चोरी होने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ (CEO) के साथ बैठक कर विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाएगी, ताकि चोरी हुई सामग्रियों की भरपाई कर और रख-रखाव की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करके इन सभी शौचालयों को शीघ्र अति शीघ्र आम जनता के उपयोग के लिए पुनः शुरू कराया जा सके।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry