पंजाब जेलों के लिए ‘परिवर्तन का वर्ष’ रहा 2025: सही मायनों में ‘सुधार घर’ बना रही मान सरकार; ₹126 करोड़ से AI हाई-टेक हुईं जेलें, हुनर और खेल से संवर रहा कैदियों का भविष्य

पंजाब

चंडीगढ़ ,27 दिसंबर, 2025

पंजाब जेल विभाग ने आज अपनी वर्ष-अंत उपलब्धि रिपोर्ट जारी करते हुए उन विभिन्न पहलों को उजागर किया, जिनके माध्यम से राज्य की सुधारात्मक संस्थाओं को पुनर्वास, स्थिरता और आधुनिक सुरक्षा के केंद्रों में परिवर्तित किया गया है।

पंजाब के जेल मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि पंजाब सरकार जेल विभाग के भीतर मानवीय दृष्टिकोण वाली पहलों का विस्तार करने, तकनीक के माध्यम से सुरक्षा को मजबूत करने तथा कैदियों को हुनरमंद बनाने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि चालू वर्ष के दौरान पंजाब की जेलों को स्वच्छ वातावरण से लेकर उच्च-तकनीकी सुरक्षा तक पुनर्परिभाषित किया गया है। उन्होंने कहा, “हमारा ध्यान कैदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें जीवन को दोबारा संवारने का अवसर देने पर रहा है।”

वर्ष 2025 की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी देते हुए लालजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि कैदियों को खेल भावना और शारीरिक फिटनेस की ओर प्रेरित करने के लिए पंजाब जेल ओलंपिक का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि जेलों में पौधारोपण अभियान से कई स्थान हरियाली में तब्दील हुए हैं, जिससे “स्वच्छ और हरित” दृष्टिकोण को और मजबूती मिली है।

जेल मंत्री ने बताया कि जेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए गोर्शियां कादरबख्श, लुधियाना में 100 करोड़ रुपये की लागत से नई उच्च-सुरक्षा जेल का निर्माण किया जा रहा है। इसी प्रकार मोहाली में ‘जेल भवन’ मुख्यालय का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।

कैबिनेट मंत्री ने वर्ष 2025 की पहलों का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में 815 वार्डर और 32 मैट्रन की भर्ती की जा चुकी है। इसके अलावा 175 वार्डर और 4 मैट्रन की भर्ती शीघ्र पूर्ण होने वाली है। साथ ही 13 डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-2, 29 सहायक सुपरिंटेंडेंट, 451 वार्डर और 20 मैट्रन की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है, जो जल्द ही पूरी हो जाएगी। इसके अतिरिक्त पेस्को के 509 अन्य कर्मचारियों की भर्ती की जा चुकी है और 359 और पेस्को कर्मचारियों की भर्ती शीघ्र की जा रही है। इसके अलावा केंद्रीय जेल बठिंडा में सीआरपीएफ की एक और कंपनी तैनात कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि चालू वर्ष के दौरान आधुनिक सुरक्षा उपकरण जैसे एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित सीसीटीवी, एक्स-रे बैगेज स्कैनर, बॉडी-वॉर्न कैमरे आदि, 126 करोड़ रुपये की लागत से जेलों के लिए खरीदे जा रहे हैं। जेलों में मोबाइल फोन के उपयोग को रोकने के लिए उच्च-ऊर्जा जैमर पंजाब की 13 संवेदनशील जेलों में लगाए जा रहे हैं।

जेल मंत्री ने आगे बताया कि कैदियों द्वारा संचालित 9 पेट्रोल पंप लुधियाना, फिरोजपुर, होशियारपुर, पटियाला, नाभा, रोपड़, फाजिल्का, नई जेल नाभा और संगरूर में शुरू किए गए हैं। इसके अलावा आने वाले समय में 3 और पेट्रोल पंप चालू किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पंजाब की जेलों में वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर, ब्यूटीशियन, सिलाई आदि जैसे कौशल विकास कार्यक्रमों के तहत 11 जेलों में आईटीआई खोलकर कोर्स शुरू किए गए हैं, जिनके माध्यम से लगभग 1016 बंदियों को प्रमाणित प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।

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