13 दिन पहले मनाई थी एनिवर्सरी, दो दिन बाद था बेटे का बर्थडे… एक हादसे ने उजाड़ दी नवजोत सिंह के परिवार की खुशियां

दिल्ली

दिल्ली के धौला कुआं में रविवार को सड़क हादसे में वित्त मंत्रालय में कार्यरत डिप्टी डायरेक्टर नवजोत सिंह की मौत के बाद उनके घर में मातम पसर गया है. गुरुद्वारा से लौटते समय BMW ने उनकी बाइक को टक्कर मारी और एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया. नवजोत सिंह की पत्नी घायल हैं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. इस मामले में कई सवाल भी उठ रहे हैं और ये मामला तूल पकड़ता जा रहा है.

नवजोत की 21 साल पहले संदीप कौर से शादी हुई थी. 2 सितंबर को ही दोनों की शादी की सालगिराह थी और दोनों ने अपने बेटे के साथ मिलकर सालगिरह मनाई थी, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि 13 दिन बाद उनके परिवार की ये खुशियां मातम में बदल जाएंगी. 16 सितंबर को नवजोत सिंह और संदीप कौर के इकलौते बेटे नवनूर सिंह का बर्थडे भी है, लेकिन इससे पहले ही उनके घर में इतना बड़ा हादसा हो गया.

19 किलोमीटर दूर न्यू लाइफ अस्पताल

इस मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. नवनूर सिंह ने कहा कि उनके पिता को घटनास्थल से 19 किलोमीटर दूर न्यू लाइफ अस्पताल ले जाया गया, जबकि पास में एम्स और सफदरजंग अस्पताल भी था. ऐसे में परिजन का कहना है कि अगर नवजोत सिंह को नजदीकी अस्पताल ले जाया जाता तो उनकी जान बच सकती थी. नवजोत सिंह की पत्नी संदीप कौर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि वह बार-बार नजदीकी अस्पताल ले जाने के लिए कह भी रही थीं, लेकिन उनकी नहीं सुनी गई.

महिला ने ही बताया था अस्पताल का रास्ता

ये घटना रविवार की बताई जा रही है. जब नवजोत सिंह अपनी पत्नी के साथ बाइक पर गुरुद्वारा से लौट रहे थे. तभी एक BMW ने उन्हें टक्कर मार दी थी. BMW एक महिला चला रही थी. आरोप है कि वही महिला उस गाड़ी वाले को रास्ता बताकर दूर के अस्पताल ले गई. इसके साथ ही ये भी दावा किया जा रहा है कि आरोपी महिला जिस अस्पताल में नवजोत सिंह और उनकी पत्नी को इलाज के लेकर गई थी. वह अस्पताल भी उस महिला का ही है, जिसे अब पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.

‘मेरे बेटे के साथ बहुत नाइंसाफी हुई’

नवजोत की मां का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने कहा कि मेरे बेटे के साथ बहुत नाइंसाफी हुई है. मेरी बहू को भी बहुत ज्यादा चोट लगी है. वह अस्पताल में ही है. उस अस्पताल में न कोई इलाज था और न कोई सुविधा थी. इसके साथ ही परिजन का ये भी आरोप है कि उन्हें छोटे अस्पताल जानबूझकर ले जाया गया, जिससे की घटना को दबाया जा सके. उन्होंने इस घटना को एक सोची-समझी साजिश बताया.

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