पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर पिछले 12 दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे बीपीएससी अभ्यर्थियों से शुक्रवार की देर रात प्रशासनिक अधिकारियों ने मुलाकात की है. इनमें सदर एसडीएम और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल थे. उन्होंने धरना दे रहे अभ्यर्थियों से लिखित में शिकायत देने को कहा है. अधिकारियों का कहना है कि री-एग्जाम को एक सक्षम प्राधिकार अथॉरिटी ही करा सकता है. वह यहां पर उनकी बातों को समझने के लिए आए हैं. जो भी उननी शिकायत हैं वह उसे लिख के दे दें. वहीं, BPSC परीक्षा नियंत्रक ने निजी कोचिंग संस्थाओं को लेकर भी बात कही है.
इधर, छात्रों के आंदोलन में शामिल होने के बाद गुरु रहमान को प्रशासन ने नोटिस भेजा था, जिसका जवाब देने वह गर्दनीबाग थाने पहुंचे थे. थाने से बाहर निकल कर गुरु रहमान ने मीडिया से बातचीत की. उन्होंने बताया कि पुलिस ने परीक्षा के पूरे मामले और धारणा को लेकर बातचीत की है. पुलिस ने कहा है कि 3 तारीख तक आप धरना में शामिल नहीं होंगे. अगर वह धरना में शामिल होते हैं तो फिर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
विरोध कर रहे अभ्यर्थियों का डेलिगेशन करेगा मुलाकात
राजेश कुमार ने कहा है कि उन्हें जानकारी मिली है कि निजी कोचिंग संस्थानों का एक समूह अभ्यर्थियों को भड़का रहा है और वे पूरी परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर छात्रों को संगठित कर रहे हैं.सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार देर रात में प्रशासनिक अधिकारियों से हुई मुलाकात के बाद विरोध करने वाले अभ्यर्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल सक्षम प्राधिकार से मिलने के लिए जा सकता है. इस पर सदर एसडीम गौरव कुमार ने बताया कि पांच लोगों की डेलिगेशन की बात हुई थी, हमने उनको यह जानकारी दी कि बीपीएससी में जाकर के इस बात की जानकारी दी जाएगी. परीक्षार्थियों की जो भी शिकायतें हैं, उसकी जांच एक टाइम पीरियड में की जाएगी और उसका जवाब दिया जाएगा.
अभ्यर्थियों ने लाठीचार्ज पर उठाए सवाल
धरना दे रहे अभ्यर्थियों ने अधिकारियों से कहा है कि उनका यहां (धरना स्थल) बैठने का कोई उद्देश्य नहीं था. उन्हें यह उम्मीद थी कि एक-दो दिन में उनकी दिक्कत दूर हो जाएगी. लेकिन उनके पास कोई नहीं आया. अभ्यर्थियों का कहना है कि धरना स्थल पर वह लोग किसी भी प्रकार का ऐसा कार्य नहीं कर रहे हैं, जिससे कानून व्यवस्था में कोई व्यवधान उत्पन्न हो रहा है. इस मौके पर छात्रों ने उनके ऊपर किये गए लाठी चार्ज के मामले को भी उठाया. जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि अधिसूचित क्षेत्र होते हैं और उसे क्षेत्र में किसी को भी एंट्री करने की इजाजत नहीं होती है. जब कोई अधिसूचित क्षेत्र में जाता है तो इसका मतलब यह होता है कि वह कानून का पालन नहीं कर रहा है.
नहीं रद्द की जाएगी परीक्षा
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने स्पष्ट किया है कि राज्यभर में 13 दिसंबर को आयोजित हुई 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा (सीपीई) 2024 को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के कारण रद्द नहीं किया जायेगा. बीपीएससी परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने साफ कहा है कि 13 दिसंबर को आयोजित पूरी बीपीएससी परीक्षा रद्द करने का कोई सवाल ही नहीं है. बीपीएससी ने बापू परीक्षा परिसर केंद्र पर आयोजित प्रारंभिक परीक्षा को केवल परीक्षा में व्यवधान डालने की साजिश के तहत उपद्रवी अभ्यर्थियों के एक समूह द्वारा उत्पन्न व्यवधान के कारण रद्द करने का निर्णय लिया है.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
