होलिका दहन के दिन इन चीजों का करें दान, जीवन में नहीं आएंगी दिक्कतें!

धार्मिक

रंगों का त्योहार होली बड़े उत्साह और उंमग के साथ मनाया जाता है. होली के त्योहर पर पूरे देश में रंगों की धूम देखने को मिलती है. होली वो त्योहार माना जाता है, जो शत्रुओं को मित्र बना देता है. होली के त्योहार पर लोग एक दूसरे को रंग लगाकर गले लगाते हैं. होली का त्योहार फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है. होली से एक दिन पहले ही होलिका दहन किया जाता है.

पौराणिक कथाओं के अनुसार, होलिका एक राक्षसी थी. वो दैत्यराज हिरण्यकश्य की बहन थी. हिरण्यकश्यप ने उसे प्रहलाद को लेकर अग्नि में बैठने का आदेश दिया था, ताकि प्रहलाद को मारा जा सके, लेकिन होलिका खुद अग्नि में जलकर भस्म हो गई. जिस दिन होलिका अग्नी में जली वो फाल्गुन माह की पूर्णिमा का था. इसलिए तब से ही फाल्गुन माह की पूर्णिमा को होलिका दहन की परंपरा चली आ रही है.

बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक

होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. इस दिन होलिका दहन करने के साथ ही उसकी पूजा और परिक्रमा की जाती है. इस दिन दान भी किया जाता है. इस दिन दान करने से जीवन में परेशानियां नहीं आती. ऐसे में आइए जानते हैं इस दिन किन चीजों का दिन करना चाहिए.

कब है होलिका दहन?

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 13 मार्च को सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर हो रही है. वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन 14 मार्च दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर हो जाएगा. ऐसे में होलिका दहन मार्च को किया जाएगा. इस दिन होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात्रि 11 बजकर 26 मिनट से लेकर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. इस दिन होलिका दहन के लिए 1 घंटे 4 मिनट का समय होगा. अगले दिन होली खेली जाएगी.

होलिका दहन के दिन इन चीजों का करें दान

  • होलिका दहन के दिन गरीबों और जरूरतमंदों को वस्त्रों का दान करना चाहिए.
  • इस दिन गेहूं, चना, जौ या चावल का दान करना चाहिए.
  • इस दिन शुद्ध देशी घी का दान करना चाहिए.
  • इस दिन गुड़ और चने का दान करना चाहिए.
  • इस दिन नारियल का दान करना चाहिए.
  • इस दिन बर्तन का दान करना चाहिए.

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