यूपी के हाथरस में हुए दिल को झकझोर देने वाले हादसे के मामले में यूपी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 लोगों को अरेस्ट किया है. इसमें चार पुरुष और दो महिलाएं हैं. ये सभी आयोजन समिति के सदस्य हैं और सेवादार के रूप में काम करते थे. एफआईआर में नारायण साकार उर्फ भोले बाबा का नाम नहीं है. जिम्मेदारी आयोजक की होती है. आयोजक पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है.ये जानकारी अलीगढ़ के आईजी शलभ माथुर ने दी है.
आईजी शलभ माथुर ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा-105, 110, 126(2), 223 और 238 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.गिरफ्तार किए गए 6 लोग आयोजन समिति के मेंबर हैं. ये चंदा इकट्ठा और भीड़ जमा करने का काम करते हैं. ये कार्यक्रम में सभी तरह की व्यवस्था करते हैं. अभी तक बाबा से पूछताछ नहीं हुई है. जरूरत पड़ी तो पूछताछ की जाएगी.
प्रकाश मधुकर पर घोषित किया गया इनाम
आईजी ने बताया है कि आयोजक प्रकाश मधुकर के ऊपर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है. विवेचना में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह साजिश का हिस्सा तो नहीं है. बाबा की चरण रज लेने के लिए भीड़ आगे बढ़ी तो सेवादारों ने भीड़ को छोड़ दिया, जिसके बाद ये घटना हुई. ये लोग मौके से भाग गए थे. उन्होंने पुलिस के साथ सहयोग नहीं किया.
भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत
उन्होंने बताया कि ये लोग वीडियो बनाने से रोकते थे. खुद ही भीड़ नियंत्रण का काम करते हैं. आईजी ने बताया है कि भगदड़ मचने से अभी तक 121 लोगों की मौत हुई है. सभी की शिनाख्त हो चुकी है. उधर, इस हादसे को लेकर विपक्ष राज्य सरकार पर हमलावर है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भगदड़ में साजिश की आशंका जताए जाने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है.
अखिलेश ने कहा कि षड्यंत्र तो नहीं हो सकता मगर यह साजिश जरूर हो सकती है. सरकार अपनी जिम्मेदारी से भागना चाहती है. प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक अपना ‘पॉलिटिकल स्वास्थ्य’ बेहतर करके मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं. इसी रस्साकशी में मुख्यमंत्री योगी ने स्वास्थ्य विभाग का बजट कम कर दिया है.
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