उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र के गांव फुलराई में भोले बाबा की सत्संग में हुई भगदड़ के दौरान 121 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं इस मामले की जांच के लिए एसआईटी और न्यायिक आयोग का गठन किया गया था. घटना का जिम्मेदार कौन, इसका फैसला कोर्ट जरूर करेगा लेकिन उससे पहले सरकार ने जांच के लिए एसआईटी टीम और न्यायिक आयोग का गठन किया था. जिसमें एसआईटी की टीम ने 3200 पेज की जांच रिपोर्ट कोर्ट को सब्मिट किया है.
वहीं न्यायिक आयोग द्वारा भी सभी के बयान दर्ज किए गए हैं, इस मामले को लेकर अब तक कार्रवाई के रूप में कुछ अधिकारियों ने अपने पद गवां दिए हैं तो कुछ का ट्रांसफर हुआ है. ये घटना एक बड़ा राजनीतिक स्टंट बन गई थी, सिकंदराराऊ में सत्संग में हुई भगदड़ के दौरान 121 लोगों की मौत हुई थी.
हादसा के बाद नेताओं ने डाला था डेरा
हालांकि भगदड़ होने और लोगों की मौत के बाद राहुल गांधी, राकेश टिकेट, उपमुख्यमंत्री समेत पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने हाथरस में अपना डेरा डाला था और सभी को सांत्वना देने में लगे थे. सरकार ने भी मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक मदद का ऐलान किया था. वहीं समाजवादी पार्टी के मुखिया और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया था.
हालांकि सत्संग में हुई भगदड़ के लिए जिम्मेदार कौन है? इस गलती के लिए अभी जिम्मेदार आयोजन को माना गया है. शासन-प्रशासन पूरी तरह कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रहे हैं. वहीं आयोजन की ओर से जाने-माने वकील एपी सिंह, आयोजकों को निर्दोष साबित करने के लिए अपनी तैयारी में जुटे है.
21 दिसम्बर को होनी है सुनवाई
हाथरस न्यायालय में कल 21 दिसम्बर को सुनवाई होनी है, इस मामले में मुख्य आयोजक देव प्रकाश मदुकर सहित 11 लोगों को जेल भेजा था. पुलिस ने 3200 पेच की चार्जशीट भेजी थी, जिसमे अब तक 5 लोगों की जमानत हो चुकी है. जिनमें मंजू देवी, मंजू यादव, संजू यादव, राम लहते व उपेंद्र यादव की जमानत हो चुकी है, अन्य लोग अभी जेल में हैं. कल हाथरस न्यायालय में मामले की सुनवाई होगी. सूरज पाल उर्फ भोले बाबा के अधिवक्ता एपी सिंह भी कल हाथरसआएंगे.
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