हरियाणा के युवा बीजेपी को सबक सिखाएंगे… वोटिंग से एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का हमला

हरियाणा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार पर हमला बोला है. हरियाणा में वोटिंग से ठीक एक दिन पहले उन्होंने दावा किया कि पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच सरकार की नेशनल स्किल डेवलपमेंट कोऑपरेशन इजराइल में लगभग 15 हजार श्रमिकों की भर्ती में जुटी हुई है. कांग्रेस चीफ ने कहा कि इससे पहले कई भारतीय युवाओं को रूस-यूक्रेन युद्ध में जान के लिए संदिग्ध एजेंटों की ओर से धोखा दिया गया था और कई युवाओं को अपनी जान भी गंवानी पड़ी थी.

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ऐसी स्थिति मोदी सरकार की युवा विरोधी नीतियों के कारण पैदा हुई बेलगाम बेरोजगारी का नतीजा है. सरकार तथ्यों को छिपा नहीं सकती है और शिक्षित युवा अपनी जान जोखिम में डालकर युद्धग्रस्त क्षेत्रों में तथाकथित उच्च वेतन पर काम करने के लिए तैयार हैं.

‘बड़े-बड़े दावे विफलताओं को नहीं छिपा सकते’

उन्होंने कहा कि यह बताता है कि सरकार की और से नौकरियों को लेकर किए गए बड़े-बड़े दावे उसकी विफलताओं को छिपा नहीं सकते हैं. वहीं, हरियाणा चुनाव को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राज्य के युवा जो इन युद्ध क्षेत्रों में नौकरी की तलाश करने के लिए मजबूर हैं, कल वोटिंग के दौरान बीजेपी को करारा सबक सिखाएंगे.

हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बेरोजगारी का मुद्दा भी उठाया हुआ है. 2 अक्टूबर को हरियाणा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा था कि राज्य की जनता अब मौसम बदलने वाली है. कांग्रेस के पक्ष में जबरदस्त माहौल है. यहां कांग्रेस प्रचंड बहुमत से एक इतिहास कायम करेगी. हरियाणा की नींव भी कांग्रेस पार्टी ने ही रखी. पंडित नेहरू के समय भाखड़ा नांगल बांध बना और बड़े-बड़े पावर प्लांट और कारखाने लगे.

पावर प्लांट और यूनिवर्सिटी का दिया हवाला

उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में जब कांग्रेस की सरकार थी तो उसने 4 पावर प्लांट लगवाए थे, उसके बाद बीजेपी ने एक यूनिट भी नहीं जोड़ी. कांग्रेस ने छह मेडिकल कॉलेज बनाए. झज्जर में एम्स, हरियाणा में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी जैसी कई यूनिवर्सिटी खड़ी की.

कल 90 सीटों पर है वोटिंग

हरियाणा में विधानसभा की 90 सीटें हैं. इन सभी सीटों पर एक ही चरण में शनिवार को वोट डाले जाएंगे. चुनाव में एक तरह बीजेपी है जो कि तीसरी बार सत्ता में वापसी के लिए जोर आजमाइश कर रही है तो वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस है जो 10 साल का सूखा खत्म करना चाह रही है. कांग्रेस ने इस चुनाव में बेरोजगारी के साथ-साथ किसानों का मुद्दा भी उठाया है.

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