स्कूलों की छुट्टी के समय सड़कों पर लगी ये पाबंदी, नए आदेश जारी

पंजाब

पटियाला/सनौर : 7 मई को पटियाला- समाना रोड पर हुए एक भयानक एक्सीडैंट में 8 छोटे नन्हे मुन्ने बच्चों की जान चली गई थी और उसी समय ही स्वास्थ्य मंत्री पंजाब ने आदेश दिए थे कि आज से ही स्कूलों में बच्चों के आने और जाने के मौकों के समय में समाना पटियाला सड़क पर भारी वाहन मुकम्मल बंद होंगे परन्तु जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य मंत्री के आदेशों को ही 15 दिनों तक कोई परवाह नहीं की। जिला प्रशासन जिसकी प्रमुख डी.सी. पटियाला होती है की यह मुख्य जिम्मेदारी बनती थी कि उसी दिन इस मुख्य सड़क पर बच्चों के आने जाने के समय दौरान भारी वाहनों की यातायात पर पूरी तरह पाबंदी हो परन्तु ऐसा नहीं किया गया। इस तरह लग रहा है कि जिला प्रशासन किसी बड़े हादसे के इंतजार में था। पता नहीं कौन सा प्रेशर था कि जिला प्रशासन ने 15 दिनों तक आदेश ही जारी नहीं किए और आज जब आदेश जारी किए हैं तो उस समय 80 प्रतिशत से भी ज्यादा स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां हो चुकी हैं। कल 24 मई बहुत से स्कूलों में छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं और यह छुट्टियां 30 जून तक जारी रहेंगी। जिला प्रशासन के आदेशों से इस तरह लगता है कि जैसे उन्होंने औपचारिकता की है।

इन सड़कों पर पाबंदी के आदेश किए हैं जारी
आदेशों के अंतर्गत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 अधीन प्राप्त हुए अधिकारों का प्रयोग करते समाना- पटियाला सड़क (एस.एच- 10) पसियाना चौकी तक, समाना- पातड़ां रोड गांव ककराला तक, समाना- भवानीगढ़ रोड़ गांव फतेहगढ़ छन्ना तक और समाना- चीका रोड़ सेंट लारैंस स्कूल तक सुबह 6 बजे से सुबह 9 बजे तक और दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक भारी वाहनों ( टिप्पर, ट्रक आदि) के अंदर आने पर पाबंदी के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 22 जुलाई 2025 तक लागू रहेंगे। आदेशों में कहा गया है कि समाना शहर के बच्चे पढ़ाई करने के लिए समाना शहर से बाहर जैसे कि पटियाला शहर, पातड़ां रोड और पटियाला रोड और भवानीगड़ रोड और चीका रोड पर बने अलग-अलग स्कूलों में स्कूल बस या वैनों के द्वारा जाते हैं। इन सड़कों पर भारी वाहन चलने के कारण हर समय कोई हादसा घटने का अंदेशा बना रहता है। ऐसे हालत के साथ अमन कानून की स्थिति के खराब होने का खतरा भी बना रहता है।

पटियाला में स्कूली बच्चों का वाहन नाबालिग से चलवाने का आराेप, लोगों ने घेरा वाहन
गत दिनों पटियाला में एक दर्दनाक हादसे में स्कूल के मासूम बच्चों की मौत हो गई है, जिससे सबक लेने की बजाय सरेआम एक नाबालिग बच्चा स्कूल का वाहन चलाता चला रहा है, जिसमें 14 से 15 बच्चे सवार होते हैं गांव वासियों ने जिला प्रशासन पर सवाल उठाए। गांव वासियों ने कहा कि गत दिनों समाना रोड पर हुए बड़े हादसे से प्रशासन ने कोई सबक नहीं ले रहा। प्रशासन कुंभ करनी नींद सोए हुए हैं।

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