सैफ अली खान पर हुए हमले के 5 महीने बाद करीना कपूर ने निकाली भड़ास, कहा- इंसानियत की हद…

मनोरंजन

साल 2025 सैफ अली खान, करीना कपूर और उनके बच्चों तैमूर और जेह के लिए एक खतरनाक घटना साथ लेकर आया. सैफ के मुंबई स्थित घर में घुसकर एक घुसपैठिए ने हमला किया. 16 जनवरी की रात को सैफ-करीना के घर पर एक शख्सघुस आया था, जिसने एक्टर पर चाकू से हमला भी कर दिया था. इस हमले को लेकर अटकलों की झड़ी लग गई थी. उस दौरान करीना को भी ट्रोल किया गया था. लोगों ने हमले के दौरान वो कहां थीं, इसे लेकर तरह-तरह के अंदाजे लगाए. अब करीना ने ट्रोलिंग को लेकर खुलकर बात की है.

हाल ही में मोजो स्टोरी पर बरखा दत्त के साथ बातचीत में करीना ने हमले के बाद मीडिया कवरेज और इंटरनेट पर आए रिएक्शन को याद किया. एक्ट्रेस ने उस समय भी अपने इंस्टाग्राम के ज़रिए मीडिया कवरेज की आलोचना की थी, लेकिन बाद में उन्होंने पोस्ट को डिलीट कर दिया था.

इंसानियत इस हद तक पहुंच गई है- करीना

करीना कपूर खान ने रिएक्ट करते हुए कहा, “यह बिलकुल बकवास था. इससे मुझे वाकई गुस्सा नहीं आता क्योंकि यह एक बहुत बुरी भावना है. मैं कभी भी गुस्सा नहीं होना चाहती क्योंकि मुझे नहीं लगता कि यह मेरे अंदर है, लेकिन मुझे बस इतना दुख है कि इंसानियत इस हद तक पहुंच गई है. क्या लोग सही में इस तरह का उपभोग चाहते हैं? क्या हम उन्हें यही देने जा रहे हैं? क्या आप दूसरों के दुख की प्रशंसा करने जा रहे हैं?”

मैं अभी भी इससे जूझ रही हूं- करीना

उन्होंने आगे कहा, “यही बात मुझे दुखी करती है. क्या यह वह डिजिटल युग है जिसकी हम बात कर रहे हैं? क्योंकि हम सभी उस युग में नहीं हैं, क्योंकि इंसानियत सिर्फ़ उपभोग से कहीं बढ़कर है.” करीना उस घटना के बारे में भी बताया और बताया कि इसने उन पर क्या असर डाला. उनका कहना है, “मैं अभी भी इस बात से जूझ रही हूं कि अपने बच्चे के कमरे में किसी को देखना कैसा लगता है. मुंबई में, आप सही में ऐसी घटनाओं के बारे में कभी नहीं सुनते हैं. यह अमेरिका में बहुत आम है. मुंबई में, हमने ऐसी घटनाओं के बारे में कभी नहीं सुना है. हम अभी भी 100% इस बात से सहमत नहीं हैं. कम से कम मैं तो नहीं. मैं पहले कुछ महीनों तक बहुत चिंतित थी. सोना और उस तरह की सामान्यता के साथ एक व्यक्ति बनना बहुत मुश्किल था.”

यह एक मुश्किल जर्नी रही है – करीना

करीना ने अपनी बात को पूरा करते हुए आगे कहा, “मैं अपने बच्चों के लिए उस डर में नहीं जीना चाहती क्योंकि उन पर यह तनाव डालना भी गलत है. इसलिए, डर और चिंता से बाहर निकलकर इस फैक्ट को बैलेंस करना कि मैं एक माँ हूं और एक पत्नी भी हूं, यह एक मुश्किल जर्नी रही है. मैं बस खुश हूं और भगवान का शुक्रिया अदा करती हूं कि हम सुरक्षित हैं.”

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