सूर्य की उपासना का महापर्व छठ शुरू, सरगुजा में घाटों पर लगेगा भक्तों का मेला

छत्तीसगढ़

सरगुजा: सनातन धर्म के 5 परब्रम्ह में से एक भगवान सूर्य की आराधना उपासना का महापर्व छठ शुरू हो चुका है. सरगुजा संभाग और खासकर अंबिकापुर में बड़ी संख्या में बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के लोग रहते हैं. साल दर साल छठ पूजा करने वाले व्रतियों की संख्या बढ़ती जा रही है. अब तो मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा से आए लोग भी यहां छठ करने लगे हैं.

छठ पूजा की तैयारी पूरी: छठ पूजा को लेकर लोगों के बीच बड़ी आस्था और मान्यता है. जो लोग छठ पूजा नहीं भी करते हैं उनकी इस पूजा में बड़ी आस्था होती है. लोग पूजा में शामिल होने और प्रसाद लेने के लिए घंटों घाट पर पूजा के आखिरी दिन जमा होते हैं. कई लोग तो छठ व्रतियों को निशुल्क फल और दूध भी घाटों पर उपलब्ध कराते हैं.

हर साल बढ़ रही छठ पूजा करने वालों की संख्या: स्थानीय लोग भी ये मानते हैं कि देखते ही देखते सरगुजा में छठ पूजा सबसे बड़ा पर्व का रुप ले चुका है. हर साल घाटों पर लगने वाली भीड़ बढ़ती जा रही है. डूबते और उगते सूरज को अर्घ्य देने के लिए जब भक्त घरों से निकलते हैं तो घाटों पर ऐसा लगता है मानों एक मेला सा लग गया हो. ट्रैफिक अपने आप थम जाती है. छठ पूजा के बजते गीतों को सुनकर मन भक्ति भाव में डूब जाता है.

ट्रैफिक रुट को करना पड़ता है डायवर्ट: छठ पर्व के दौरान करीब 20 घंटे तक झारखण्ड जाने वाला मुख्य मार्ग बंद कर परिवर्तित कर दिया जाता है. छठ पूजा समितियों के साथ पूरा प्रशासन और पुलिस को व्यवस्था संभालनी पड़ती है. भीड़ नियंत्रण के लिए एनसीसी और स्काउट एंड गाइड के छात्र सहित होमगार्ड के जवानों को मोर्चा संभालना पड़ता है.

घाटों की साफ सफाई पूरी: छठ पर्व की धूम पूरे सरगुजा संभाग में देखी जाती है. सिर्फ सरगुजा जिले में 27 से अधिक छठ घाटों में छठ किया जाता है. शहर में ही करीब 7 बड़े छठ घाट हैं जहां हजारों की संख्या में भीड़ उमड़ती है. हर छठ घाट पर समिति के लोग साफ सफाई, बैठक व्यवस्था के साथ साथ, लोगों को गद्दा, कम्बल, चाय, दूध और आलव की भी व्यवस्था करते हैं. सरगुजा में मुख्य रूप से शंकर घाट, पैलेश घाट, घुन्घुट्टा नदी, शिवधारी कालोनी, मेंड्रा कला, महामाया तालाब और घुटरापारा तालाब में छठ व्रतियों और भक्तों की भीड़ अर्घ्य देने पहुंचती है.

घाटों पर लगेगा भक्तों का मेला (ETV Bharat)

छठ पूजा तिथि और समय: सूर्य देव की पूजा चार दिनों तक मनाई जाती है. इस साल, यह शनिवार, 25 अक्टूबर, 2025 को शुरू होकर मंगलवार, 28 अक्टूबर, 2025 को समाप्त होगी.

छठ पूजा का पहला दिन: 25 अक्टूबर 2025, शनिवार, नहाय खाय सुबह 6:12 बजे से शाम 5:48 बजे तक है.

छठ पूजा का दूसरा दिन: रविवार, 26 अक्टूबर 2025, खरना, सुबह 6:12 बजे से शाम 5:48 बजे तक है.

छठ पूजा का तीसरा दिन: सोमवार, 27 अक्टूबर 2025, सायंकालीन अर्घ्य सुबह 6:13 बजे से शाम 5:47 बजे तक है.

छठ पूजा का चौथा दिन: मंगलवार, 28 अक्टूबर 2025, उषा अर्घ्य, पारण दिन, सुबह 6:13 बजे से शाम 5:46 बजे तक है.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry