ससुर ने पकड़े पैर, देवर ने दबा दिया गला, घरेलू विवाद में हुई थी महिला की हत्या, पुलिस ने ऐसे किया खुलासा

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद कमिश्नरी के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में 10 जून को ब्रीफकेस में मिली लाश की मिस्ट्री को पुलिस ने सुलझा लिया है. महिला की हत्या घरेलू विवाद में की गई थी. महिला की हत्या करने के बाद ससुर ने अपने दो बेटों की मदद से लाश को ब्रीफकेस में भरकर लोनी में ठिकाने लगाई थी. मृतक महिला पंजाब की रहने वाली थी, जो लगभग 4 साल पहले ससुर हरवीर को दिल्ली स्टेशन पर मिली थी. हरवीर अपने साथ महिला को घर ले आया और अपने बड़े बेटे से शादी करा दी थी.

लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में 10 जून को ब्रीफकेस में मिली महिला की लाश की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. पुलिस ने महिला की पहचान कविता के रूप में की है, जिसकी हत्या के आरोप में मृतक के ससुर और दो देवर को पुलिस ने हिरासत में लिया है. जानकारी के मुताबिक, मृतक महिला पंजाब की रहने वाली थी, जो लगभग 4 साल पहले ससुर हरवीर को दिल्ली स्टेशन पर मिली थी. हरवीर अपने साथ महिला को घर ले आया और अपने बड़े बेटे से शादी करा दी थी. कविता का पति ईट भट्टे पर मजदूरी करता है.

घरेलू विवाद में महिला की हत्या

पुलिस के मुताबिक कविता से शादी करवाने के बाद सभी परिवार के लोग पिछले डेढ़ वर्ष से किराए के मकान में अंबिका विहार थाना करावल नगर गली नंबर 3 दिल्ली में रहते थे. 7 जून की रात को मृतका का नंद शिवानी के साथ घरेलू विवाद हुआ था और दोनों के बीच जब झगड़ा ज्यादा हो गया था. इसके बाद 9 तारीख की शाम कविता ने गुस्से में अपनी भतीजी आईसनी को पीट दिया था.

इसके बाद परिवार के लोगों का कविता से झगड़ा हो गया था. कविता का देवर सुमित से भी झगड़ा हो गया. कविता ने देवर सुमित को थप्पड़ जड़ दिया. थप्पड़ खाने के बाद देवर इतना नाराज हो गया कि उसने अपनी भाभी कविता की गर्दन पकड़ कर बेड पर पटक दिया. जब वह बिस्तर पर गिर गई तो दोनों हाथों से देवर ने उसकी गर्दन चुन्नी से दबा दी और बेडशीट से कविता के मुंह को दबाकर उसको मौत की नींद सुला दी.

ससुर ने पकड़े पैर, देवर ने दबा दिया गला

इस दौरान उसके पिता हरवीर सिंह ने मृतका कविता यानी बेटे की बहू के पैर पकड़कर दवा लिए थे. जब कविता का हिला डुलना बंद हो गया उसके बाद सुमित ने अपनी भाभी की गर्दन छोड़ दी लेकिन तब तक कविता मर चुकी थी. इसके बाद सुमित ने अपने छोटे भाई को फोन कर घर बुलाया. कविता के शव को घर में रखने के बाद एक नया सूटकेस खरीद कर लाया गया जिसमें कविता के शव को तोड़ मरोड़ कर गुलाबी पन्नी में लपेटकर ब्रीफकेस के अंदर डाला गया.

ब्रीफकेस को चादर से बांध दिया गया लेकिन जिस वक्त बैग में लाश रखकर ठिकाने लगाने ले जा रहे थे. उसी वक्त बाइक से बैग गिर गया. गुड्डू बाइक चला रहा था जबकि हरवीर बाइक पर सूटकेस में कविता की लाश को लेकर बैठा था. पुलिस को आरोपी ने यह भी बताया कि बैग गिर जाने की वजह से यह लोग ब्रीफकेस को उस जगह तक नहीं पहुंच पाए जहां इन्हें पहुंचना था. कोई इन्हें देख ना ले इसलिए ब्रीफकेस को वहीं छोड़कर वापस घर आ गए.

सीसीटीवी की मदद से पुलिस को मिली सफलता

पुलिस के लिए ब्रीफकेस में मिली लाश एक चुनौती बनी हुई थी. इसके लिए पुलिस को कड़ी मेहनत करनी पड़ी. पुलिस ने गाजियाबाद के अलावा दिल्ली के करावल नगर तक के सीसीटीवी कमरों की सैकड़ों फुटेज को खंगाला. एक सीसीटीवी में दोनों आरोपी ब्रीफकेस के साथ बाइक पर नजर आए. पुलिस जब बाइक के नंबर को ट्रेस कर दिल्ली पहुंची तो दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. दोनों आरोपियों ने पुलिस के सामने कत्ल की पूरी कहानी बता दी.

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