राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि वास्तविक धर्म सभी के साथ अपनत्व का व्यवहार करने और सभी विविधताओं को सौहार्दपूर्वक आगे बढ़ाने में निहित है. भागवत ने कहा कि लोग सोचते हैं कि वे शिवाजी महाराज जैसी महान हस्ती नहीं बन सकते. वह एक महान व्यक्ति थे. लोग सोचते हैं कि अगर किसी को शिवाजी जैसा बनना है, तो वह पड़ोसी के घर में हो, अपने घर में नहीं. हमें एक अच्छा इंसान बनने का प्रयास करना चाहिए, अपने परिवार और समाज को खुश रखना चाहिए और जितना हो सके प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते रहना चाहिए.
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आयोजित ‘लोकहितकारी काशीनाथ – स्मारिका विमोचन समारोह’ में सभा को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस की ताकत उन स्वयंसेवकों में निहित है जिन्होंने चुनौतियों के बावजूद संगठन का विस्तार किया है.
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