शासन प्रशासन के दावों की पोल खोलती एक ऐसी तस्वीर सामने आई है। जो न केवल खोखले विकास की गवाही दे रही है, बल्कि चीखते बिलखते हुए यह सवाल कर रही है, कि आखिर यहां निवासरत लोगों का क्या कसूर है, जो मूलभूत सुविधाओं के लिए आज भी मोहताज नजर आ रहे हैं। हम बात कर रहे हैं बैहर विधानसभा के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र की। जहां ग्राम माहुरदल्ली निवासी 24 वर्षाीय इमला पति भागचंद परते अपने मायके ग्राम केराकोना गई हुई थीं।
जहां प्रसव पीड़ा के दौरान 108 को बुलाया गया, किन्तु सड़क के अभाव में 108 प्रसूता तक नहीं पहुंच सकती थी, ऐसी परिस्थिति में 108 के पायलट विशाल नागरे एवं ईएमटी मृत्युंजय पाठक ने परिजनों के साथ प्रसूता को खाट पर लेटाया और खाट पर ही लेकर कर एम्बुलेंस तक ले जाया गया। जिसके बाद दर्द से कराहती प्रसूता को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सोनगुड्डा लाया गया,जहां क्रिटीकल कंडीशन के कारण तत्काल प्रसूता को जिला चिकित्सालय भेज दिया गया।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad