मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को शाजापुर जिले के 11 गांवों के नाम बदलने की घोषणा की. सीएम यादव ने कालापीपल तहसील में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह ऐलान किया. मोहन यादव ने कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार की लाडली बहना योजना के तहत 1.27 करोड़ महिला लाभार्थियों के खातों में 1,553 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए.
सीएम मोहन यादव ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 55 लाख लाभार्थियों के खातों में 335 करोड़ रुपए भी ट्रांसफर किए गए. इसके अलावा एलपीजी सिलेंडर रिफिल योजना के तहत 26 लाख महिला लाभार्थियों को पैसे ट्रांसफर किए गए. मुख्यमंत्री ने 10.11 करोड़ रुपए की लागत वाले विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया.
11 गांवों के नाम बदलने का ऐलान
दरअसल मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शाजापुर जिले के 11 गांवों के नाम बदलने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने कहा कि निपनिया हिसामुद्दीन को निपनिया देव, ढाबला हुसैनपुर को ढाबला राम, मोहम्मदपुर पवड़िया को रामपुर पवड़िया, खजूरी अल्लाहादाद को खजूरी राम, हाजीपुर को हीरापुर, मोहम्मदपुर मछनाई को मोहनपुर, रिछरी मुरादाबाद को रिछरी, खलीलपुर (ग्राम पंचायत सिलौंदा) को रामपुर, अनछोड़ को उंचावद, घट्टी मुख्तियारपुर को घट्टी और शेखपुर बोंगी को अवधपुरी कहा जाएगा.
इससे पहले भी बदला गया नाम
बता दें, इससे पहले भी पांच जनवरी को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन के तीन गांव के नाम बदलने का ऐलान किया था. मंच से उन्होंने गजनीखेड़ी गांव को चामुंडा महानगरी, मौलाना गांव को विक्रम नगर और जहांगीरपुर गांव को जगदीशपुर नाम दिया था. सूत्रों के मुताबिक मोहन यादव की सरकार मध्य प्रदेश के और भी कई जिलों के ऐसे गांव के नाम बदलेगी, जो मुगल सल्तनत के हैं या उसकी याद दिलाते हैं. वहीं सीएम यादव ने कालापीपल को तहसील से अनुभाग घोषित करने की भी घोषणा की है. मंच से उन्होंने कालापीपल के नाम को लेकर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि मैंने आज तक काला पीपल नहीं देखा. आप विचार कर बताना कौन-सा पीपल रखना है.
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