इन दिनों सोशल मीडिया पर प्रसिद्ध देवबंदी उलेमा व जमीयत दावातुल मुसलिमीन के संरक्षक मौलाना कारी इस्हाक गोरा का एक नया वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में मौलाना ने धार्मिक सहिष्णुता और भाईचारे के नाम पर बढ़ती गलतफहमियों पर दो-टूक अंदाज में बात की है. उन्होंने कहा कि आज समाज में कुछ लोग दूसरों की धार्मिक रस्मों और पूजा-पाठ में भाग लेना ‘भाईचारे’ की निशानी मानने लगे हैं, जबकि यह न केवल इस्लामी शिक्षाओं के खिलाफ है. बल्कि शरीअत की नजर में एक बड़ा गुनाह और ईमान की कमजोरी भी है.
वीडियो में मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने कहा- धर्म हमें दूसरों की इज्जत करना सिखाता है, लेकिन दूसरों के धार्मिक तौर-तरीकों को अपनाना या उनके पूजा कार्यक्रमों में शरीक होना, असली भाईचारा नहीं, भाईचारा यह नहीं कि आप किसी को खुश करने के लिए अपने विश्वास की सीमाएं तोड़ दें, बल्कि भाईचारा यह है कि आप उनके साथ अच्छा व्यवहार करें, उनकी भलाई करें, और किसी को तकलीफ न पहुंचाएं, लेकिन जब दिल में कुछ और हो और जाहिर कुछ और किया जाए तो यह सच्चाई नहीं, बल्कि मुनाफिकत है.
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