आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद और दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल मारपीट मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. मालीवाल के साथ मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार विभव कुमार की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पीए रहे विभव कुमार ने अपनी जमानत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ईडी को जवाब दाखिल करने के लिए 21 अगस्त तक का समय दिया है. इससे पहले दो अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने विभव कुमार की जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि वो सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है.
मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को
वहीं, विभव कुमार को बुधवार को भी सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली. कोर्ट ने विभव कुमार की जमानत याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए ईडी को 21 अगस्त तक का समय दिया है. जिसके बाद ईडी के जवाब के बाद विभव कुमार के वकील 24 अगस्त तक जवाब दाखिल करेंगे. इन सबके बाद सुप्रीम कोर्ट मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को करेगा.
कोर्ट ने खारिज कर दिया था जमानत याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 2 अगस्त को इस मामले की सुनवाई के दौरान विभव कुमार की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. पीटीआई के मुताबिक, कोर्ट ने स्वाति मालीवाल मारपीट मामले में विभव कुमार को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि आरोपी को राहत देने का कोई आधार नहीं है. आरोपी बहुत प्रभावशाली है. कोर्ट ने आगे कहा कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि अगर उसे जमानत दी गई तो याचिकाकर्ता मामले के गवाहों को प्रभावित और सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है.
विभव को 18 मई को गिरफ्तार किया गया था
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पूर्व निजी सचिव विभव कुमार पर 13 मई को स्वाति मालीवाल पर हमला करने का आरोप है. वहीं, 18 मई को उसे गिरफ्तार किया गया और 25 मई को भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई. दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा जमानत याचिका खारिज किये जाने के बाद विभव ने अपनी गिरफ्तारी को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी.
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