विदेश में नौकरी के नाम पर कैसे जाल में फंसते हैं लोग, क्या-क्या लगाते हैं दांव पर? डंकी रूट वाले JOB की काली कहानी

हरियाणा

शाहरुख खान की साल 2023 में आई फिल्म “डंकी” आपने अगर देखी है, तो आप ये अच्छे से जानते होंगे कि आखिर “डंकी” क्या होता है. यहां “डंकी” का अर्थ गधा नहीं, बल्कि एक ऐसे रूट का नाम है, जिसका सहारा लेकर लोगों को अवैध तरीके से किसी दूसरे देश भेजने का काम किया जाता है. फिल्म में न सिर्फ विदेश जाने, बल्कि वहां पहुंचकर उनका लोगों का क्या हाल होता है. ये भी दिखाया गया है.

“डंकी” महज कोई फिल्म नहीं थी बल्कि एक हकीकत थी, जिसकी साफ तस्वीर सामने आ रही है. अमेरिका ने 104 अवैध अप्रवासियों को देश से डिपोर्ट कर दिया है और भारत भेज दिया है. इनमें से कई लोग ऐसे हैं, जिन पर लाखों का कर्जा है और हजारों किलोमीटर भूखे-प्यासे पैदल चलकर ये लोग अमेरिका पहुंचे थे. इनकी कहानियां एक पल को आंखों में आंसू ला देती हैं और एक लम्हें के लिए लगता है, ऐसी भी क्या मजबूरी थी!

हथकड़ियां डालकर वापस भेजा

104 अवैध प्रवासियों को सैन्य विमान से हाथों में हथकड़ियां डालकर वापस भेज दिया गया. ये लोग डंकी रूट से अमेरिका गए थे. डंकी रूट से विदेश जाने के लिए लोग लाखों रुपये खर्च करते हैं. इस आस पर की वह विदेश में जाकर अच्छा पैसा कमाएंगे और अपनी आने वाली जिंदगी को बेहतर कर सकेंगे, लेकिन कई बार विदेश जाने के नाम पर लोगों को ठग लिया जाता है.

बड़े-बड़े ख्वाब दिखाए जाते हैं

विदेश में लाखों की नौकरी का मौका… इसी तरह कई बार लोगों को जाल में फंसाया जाता है. उन्हें बड़े-बड़े ख्वाब दिखाए जाते हैं. उनसे कहा जाता है कि उन्हें विदेश में लाखों रुपये की नौकरी दिलाई जाएगी. लोग जाल में फंस भी जाते हैं और अपने लाखों रुपये ठगों को देते हैं. कई बार तो ऐसा होता है कि लोगों को विदेश भेजने के नाम पर उनसे पैसे तो लिए जाते हैं, लेकिन फिर विदेश नहीं भेजा जाता.

मिट्टी में मिल जाते हैं लोगों के सपने

विदेश जाने के लिए लोग कई तरह के जतन करते हैं. सिर्फ इस उम्मीद पर की वह विदेश जाकर अच्छी कमाई करके अपनी आने वाली जिंदगी को संवार सकें और इसी चक्कर में वह फंस जाते हैं. विदेश जाने के लिए लोग मुश्किल से पैसे इकट्ठा करते हैं. लोग अपने खेत बेच देते हैं. कई बार अपना घर गिरवी रख देते हैं. अपने गहने बेच देते हैं. वह जानने वालों से कर्ज लेते हैं और बैंक से लोन भी लेते हैं, लेकिन जब उनके साथ धोखा होता है तो उनके संजोए सारे सपने मिट्टी में मिल जाते हैं.

38 लाख रुपये लगाकर विदेश भेजा

कुछ लोगों से लाखों रुपये ले लिए जाते हैं और उन्हें विदेश भेजा भी नहीं जाता. कई बार उन्हें बंधक तक बना लिया जाता है. जैसे हाल ही में हरियाणा के पानीपत से ऐसी खबर सामने आई थी. जहां एक महिला ने सिलाई करके पाई-पाई जोड़कर 38 लाख रुपये इकट्ठे किए और अपनी बेटी को विदेश भेजा. महिला के पास एक एजेंट की पत्नी सूट सिलाने के लिए आती थी. उसने महिला से कहा कि उसका पति विदेश में नौकरी दिलाने का काम करता है.

महिला ने उससे कहा कि वह उसकी बेटी को जर्मनी में अच्छी नौकरी पर लगवा देगी. सिलाई करने वाली महिला ने अपना घर और जमीन बेचकर 38 लाख रुपए इकट्ठा किए और एजेंट को दे दिए. एजेंट ने महिला की बेटी को जर्मनी भेजने के बजाय गोवा में बंधक बना लिया था और बार में उससे डांस कराने का काम कराया जा रहा था. वह लड़की की उसकी मां से 30 सेकंड के लिए फोन पर बात कराता था.

शिकायत करने पर की जाती है पिटाई

ऐसे कई मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं, जब कभी अमेरिका तो कभी कुवैत और सऊदी भेजने के नाम लोगों से पैसे ठगे गए. इसके अलावा जिन लोगों को विदेश भेज दिया जाता है. उनकी भी कई बार हालत बुरी होती है. उन्हें लाखों का सपना दिखाकर मामूली सी नौकरी पर लगा दिया जाता है, जब वह इस बात की शिकायत करते हैं, तो उनके साथ मारपीट की जाती है. एक कमरे में 10-10 लोगों रखा जाता है. रहने के लिए ऐसी जगह दी जाती है, जो जानवरों के रहने की जगह से भी ज्यादा बदतर होती है.

अरुण पैदल चलकर पहुंचे थे अमेरिका

डंकी रूट के जरिए विदेश गए कई लोगों को वहां पहुंचते ही गिरफ्तार कर लिया जाता है, जैसे हरियाणा के अमन और अरुण को गिरफ्तार कर लिया गया था. अरुण अमेरिका से डिपोर्ट होकर वापस लौटे हैं. उनके भाई ने बताया कि अरुण को डंकी रूट के रास्ते विदेश जाते हुए कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. उन्हें कई दिनों तक जंगल में पैदल चलाया गया और जब वह अमेरिका पहुंचे, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

पंजाब के जसपाल को एजेंट ने दिया धोखा

अरुण के साथ पंजाब के गुरदासपुर जिले के हरदोरवाल गांव के जसपाल भी शामिल हैं, जिन्हें अमेरिका से डिपोर्ट किया गया है. उन्होंने बताया कि उन्हें एक ट्रैवल एजेंट ने धोखा दिया, जिसने उन्हें अमेरिका में वैध तरीके से भेजने का वादा किया था. उन्होंने बताया कि उनका एजेंट के साथ सौदा 30 लाख रुपये में तय हुआ था. एजेंट ने उनसे वादा किया था कि अमेरिका भी वो हवाई यात्रा से जाएंगे, लेकिन उसने धोखा दिया और उन्हें अवैध तरीके से सीमा पार करने के लिए मजबूर किया.

इन्हीं में से एक हरविंदर सिंह भी थे, जिन्हें उनके एक दूर के रिश्तेदार ने 42 लाख रुपये के बदले ‘डंकी रूट’ से नहीं बल्कि 15 दिनों में कानूनी रूप से अमेरिका ले जाने की पेशकश की. 42 लाख रुपये की बड़ी रकम इकट्ठी करने के लिए परिवार ने अपनी एक एकड़ जमीन गिरवी रख दी और भारी ब्याज दरों पर पैसे ले लिए, लेकिन उनके हाथ में कुछ नहीं आया.

प्रदीप ने बताई जिंदगी की सबसे बड़ी गलती

पंजाब के मोहाली के रहने वाले प्रदीप अमेरिका से लौटे 104 प्रवासियों में शामिल हैं. वह भी डंकी रूट के सहारे ही अमेरिका गए थे. अब उन्होंने इसे अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती बताई. प्रदीप का परिवार उनकी वापसी से बेहद दुखी है, क्योंकि जो बेटा अपने परिवार को कर्ज से निकालने के लिए विदेश गया था. वह इस तरह से भारत वापस आ गया.

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