लंबे समय से चर्चा में बने वक्फ संशोधन विधेयक को कल बुधवार को संसद के निचले सदन लोकसभा में विचार और पारित कराने के लिए लाया जाएगा. इस दौरान सदन में खासा हंगामा होने के आसार हैं क्योंकि ज्यादातर विपक्षी दल इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं. हालांकि NDA की अहम सहयोगी दल तेलुगू देशम पार्टी ने भी सरकार का साथ देते हुए बिल का समर्थन करने का ऐलान किया है. साथ ही यह भी कहा कि विधेयक के पेश किए जाने के बाद ही इस पर कोई टिप्पणी की जा सकेगी.
CM नायडू मुसलमानों के पक्ष मेंः TDP
प्रेम कुमार जैन ने आगे कहा, “वक्फ संशोधन विधेयक कल बुधवार को विधेयक पेश किया जाएगा, उसके बाद ही हम इस पर कोई कमेंट करेंगे. मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि चंद्रबाबू नायडू मुसलमानों के पक्ष में हैं.”
बीजेपी के पास लोकसभा में बहुमत नहीं है, और सत्ता में बने रहने के लिए पार्टी नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड और चंद्रबाबू नायडू की तेलुगू देशम पार्टी जैसे सहयोगियों के समर्थन पर निर्भर है. जनता दल यूनाइटेड ने अब तक इस मसले पर अपना रुख साफ नहीं किया है.
विपक्षी दलों की बैठक आज शाम
इस बीच वक्फ विधेयक को लेकर आज मंगलवार शाम 6 बजे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कमरे में विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक होगी.
दूसरी ओर, वक्फ विधेयक पर शिवसेना के सांसद नरेश म्हास्के ने कहा, “शिवसेना वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन कर रही है. जबकि विपक्ष इस विधेयक का विरोध करके सिर्फ वोट की राजनीति कर रहा है.”
विधेयक पर आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा, “सरकार अगर तैयार है तो हम भी तैयार है. जेपीसी में विपक्ष के सांसदों के अलावा हम लोगों ने भी जो शंकाएं जाहिर की थीं उसी पर आज भी खड़े हैं. हमें भरोसा है कि इस सरकार की कथनी और करनी में फर्क है. धार्मिक आजादी और धार्मिक क्षेत्र पर अतिक्रमण करने का काम सरकार का नहीं है. हम अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे.”
कल लोकसभा में विधेयक होगा पेश
वक्फ संशोधन विधेयक कल बुधवार को लोकसभा में विचार और पारित कराने के लिए लाया जाएगा. विपक्षी दल इस विधेयक का जमकर विरोध कर रहे हैं. सूत्रों ने बताया कि विधेयक पर सदन में 8 घंटे की प्रस्तावित चर्चा के बाद अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजीजू जवाब देंगे और वह इस विधेयक को पारित कराने के लिए सदन की मंजूरी लेंगे.
इस मामले में सूत्रों ने बताया कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में इस मामले पर चर्चा हुई. पिछले साल विधेयक पेश करते समय केंद्र सरकार ने इसे दोनों सदनों की एक संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजने का प्रस्ताव किया था.
फिर जेपीसी की ओर से रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद, उसकी सिफारिश के आधार पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मूल विधेयक में कुछ बदलावों को अपनी मंजूरी दे दी. लोकसभा में विधेयक पास किए जाने के बाद राज्यसभा को इसकी सूचना दी जाएगी. संसद का जारी बजट सत्र 4 अप्रैल को खत्म हो रहा है.
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