लुटेरी दुल्हन भी निकली ट्रेवल एजेंसी संचालक को फंसाने वाली महिला, सट्टेबाज के इशारे पर भी कराई थी एफआईआर

मध्य प्रदेश

 ग्वालियर। ट्रेवल एजेंसी संचालक को हनीट्रैप में फंसाकर 15 लाख रुपये ठगने वाली मनीषा प्रजापति और उसके साथी चिंटू जाट से पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। पड़ताल में सामने आया है कि महिला ने शादी के बाद अपने पति को ही लूट लिया था।

महिला शादी के तुरंत बाद ही ससुराल से गहने और अन्य सामान लूटकर भाग गई थी। अब पुलिस डबरा की गैंग तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

डबरा की गैंग के बारे में पता लगा है कि इन लोगों ने सरकारी विभागों के कर्मचारियों को भी निशाना बनाया है। इस बारे में अब पुलिस पड़ताल में लग गई है। उन लोगों के नंबर भी पुलिस को पता लगे हैं।

यह भी सामने आया है कि डबरा और भितरवार से ऐसी कुछ और भी गैंग भी संचालित हैं। जिसमें खुद को नेता बताने वाले भी कुछ लोग शामिल हैं।

पड़ताल में यह भी सामने आया है कि मुरार के बड़े सट्टेबाज के इशारे पर इस महिला ने छेड़छाड़ की एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले में नामजद आरोपी ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। इसमें एक सट्टेबाज के नाम का भी जिक्र है।

मुरार के रहने वाले नंदकिशोर लोधी फौज से रिटायर्ड हैं और ट्रेवल एजेंसी संचालित कर रहे हैं। मनीषा प्रजापति और उसके साथी चिंटू जाट ने हनीट्रैप में फंसाकर 15 लाख रुपये की मांग की थी।

इसके चलते मुरार थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने दोनों आरोपितों को पकड़कर जब पूछताछ की तो इनके मोबाइल में कई ऐसे नंबर मिले, जिससे यह साफ है कि ऐसी और भी गैंग हैं।

डबरा, भितरवार और यहां के आसपास के क्षेत्रों से सबसे ज्यादा ऐसी गैंग संचालित हो रही हैं। इनके टारगेट पर सरकारी विभागों के कर्मचारी, ऐसे बुजुर्ग जिनके पास अच्छा पैसा है और कारोबारी रहते हैं।

इसमें महिला और पुरुष शामिल हैं। बाकायदा पूरी प्लानिंग के साथ यह लोग महिलाओं से पहले बातचीत शुरू कराते हैं। इसके बाद ग्वालियर में मिलने के लिए बुलाया जाता है।

यहां पहले से कैमरा लेकर कुछ पुरुष साथी तैयार रहते हैं। इसके बाद जैसे ही महिला हनीट्रैप में फंसाने वाले को कमरे के अंदर ले जाती है तो यह लोग कैमरा लेकर आ जाते हैं। पहले मोटी रकम मांगी जाती है, जब रुपये नहीं मिलते तो दुष्कर्म की एफआइआर की धमकी दी जाती है।

इंस्टा पर मैसेज कर बुक की थी टैक्सी

इंस्टाग्राम पर मैसेज कर महिला ने ट्रेवल एजेंसी संचालक से संपर्क किया था। ग्वालियर घूमने के लिए टैक्सी बुक की थी। इसके बाद ट्रेवल एजेंसी संचालक से रुपये मांगे गए।

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