कर्नाटक के मंगलुरु में डॉक्टरों ने सर्जरी कर के 12 साल के लड़के की जान बचाई, जिसकी सब सरहना कर रहे हैं. मंगलुरु के सरकारी वेनलॉक अस्पताल के कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जनों (सीटीवीएस) की एक टीम ने रविवार को सर्जरी करके एक 12 वर्षीय लड़के के गले से 20 सेमी लंबा एक बड़ा लकड़ी का टुकड़ा और एक टूटी हुई ब्लैड वाली चेन निकाली.
जिला सर्जन और अस्पताल के अधीक्षक डीएस शिवप्रकाश ने एक बयान में कहा कि असम का रहने वाला लड़का अपने माता-पिता के साथ मदिकेरी के एक चाय बागान में रहता है. शनिवार शाम को नारियल के पेड़ से गिरने के बाद उसे गंभीर चोट लग गई. वहीं इस दौरान लकड़ी का एक टुकड़ा और एक टूटी हुई ब्लैड वाली चेन उसकी गर्दन में घुस गई और छाती में फंस गई.
दो घंटे तक चली सर्जरी
अस्पताल के अधीक्षक ने बताया कि घटना शनिवार शाम करीब 7.30 बजे हुई. ऐसे में लड़के को रविवार सुबह करीब 12.15 बजे अस्पताल लाया गया. अस्पताल में डॉ. सुरेश पई के नेतृत्व में टीम ने रात 1.30 से 3.30 बजे के बीच लड़के की सर्जरी की और लकड़ी का टुकड़ा और टूटी हुई चेन को निकाल दिया.
बारीकी से हो रही निगरानी
डॉ. सुरेश पई ने बताया कि लड़का अब ठीक हो रहा है और उसकी बारीकी से निगरानी की जा रही है. यह सर्जरी मैंगलोर के वेनलॉक सरकारी अस्पताल में निःशुल्क की गई. सरकारी डॉक्टरों के काम की सराहना हो रही है. स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने डॉक्टरों को उनके काम के लिए बधाई दी है.
स्वास्थ्य मंत्री ने दी बधाई
दिनेश गुंडू राव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि हमारी सरकार जनता की सेवा करने वाले सरकारी अस्पतालों को अधिक सुविधाजनक बनाने तथा उन्हें सर्वोत्तम सेवाएं प्रदान करने के लिए उन्नत करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है. सरकारी अस्पताल में उच्च कुशल डॉक्टरों की टीम उपलब्ध है, जिससे ऐसी कठिन सर्जरी करना संभव हो पाता है. उन्होंने कहा कि जनता को सदैव अच्छी सेवा प्रदान करना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है.
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