रीवा। एमपी के रीवा में इंटरनेट मीडिया में वायरल हो रहे त्योंथर एसडीएम के वीडियो ने हंगामा मचा रखा है। वीडियो में वह धमकी देते नजर आ रहे हैं कि यह तो उनका है और उन्हें 2 मिनट के अंदर कानून सिखा देंगे। कोर्ट में एसडीएम सत्येंद्र जैन और अधिवक्ता राजेंद्र गौतम के बीच तीखी बहस हुई।
मैंने भी एक वीडियो बनाया है, लेकिन अभी वायरल नहीं किया
एसडीएम ने अधिवक्ता पर चिल्लाते हुए कहा, सही कर दूंगा, ये मेरा कोर्ट है, दो मिनट में सिखा दूंगा। इस मामले में त्योंथर एसडीएम सत्येंद्र जैन ने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से यह बात जनता के समक्ष रखी। कहे- अधिवक्ता राजेंद्र गौतम से बातचीत के दौरा मैंने भी एक वीडियो बनाया है, लेकिन अभी वायरल नहीं किया है।
एक पक्ष में फैसला देने का लगाया आरोप
मामला 19 जुलाई का है, इसका वीडियो अब सामने आया। अधिवक्ता ने कलेक्टर से शिकायत की है। उधर, एसडीएम ने अधिवक्ता पर दलाली और पक्ष में फैसला देने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है। राजस्व मामले में एसडीएम ने दी अगली तारीख, इसी बात पर बहस हुई।
पूरा मामला राजस्व के एक विवाद से जुड़ा
पूरा मामला राजस्व के एक विवाद से जुड़ा हुआ है। पवन कुमार पांडेय और जीतेंद्र कुमार पांडेय ने जमीनी मामले को लेकर एसडीएम कोर्ट में अपील की थी, जिसमें कहा, हमारे सह खाते की जमीन को साठगांठ कर गलत तरीके से आनंदकली और अन्य के नाम पर कर दिया गया है। अपील में तहसीलदार के आदेश को एसडीएम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।
अधिवक्ता ने रोज-रोज समय न होने की बात कही
सुनवाई कर एसडीएम ने अगली तारीख दे दी। अधिवक्ता ने रोज-रोज समय न होने की बात कही, जिस पर एसडीएम से नाराजगी जताई। इसके बाद एसडीएम और अधिवक्ता में तीखी बहस हो गई।
साजिश के तहत मेरा वीडियो बना लिया
एसडीएम सत्येंद्र जैन बोले-मैं पक्ष में फैसला करने के लिए राजी नहीं हुआ, तो उन्होंने मुझे उकसाया। फिर साजिश के तहत मेरा वीडियो बनाया। इन लोगों ने जाति प्रमाण पत्र में भी दलाली की थी, जो मेरे आने से बंद हो गई। इसलिए मुझे बदनाम करने की साजिश की गई है।
अधिवक्ता राजेंद्र गौतम बोले-एसडीएम ने किया अमर्यादित भाषा का प्रयोग
अधिवक्ता राजेंद्र गौतम ने बताया कि एसडीएम ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मुझे सबके सामने जलील किया है। कोई कितने भी बड़े पद पर क्यों ना बैठा हो, उसे इस तरह से चिल्लाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने किस तरह से सबके सामने धमकी दी है। वो वीडियो में साफ तौर पर देखा और सुना जा सकता है। मामले में कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि अन्य अधिकारियों तक एक कड़ा संदेश जाए। मैंने पूरे मामले की लिखित शिकायत भी की है।
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