दतिया। तीन बच्चों के पिता को संतानहीन बताकर नाती ने ही अपने नाना की जमीन हड़पने की साजिश रच डाली। इसके लिए कुछ लोगों ने पहले दो पेज की फर्जी वसीयत तैयार कराई। इतना ही नहीं कुछ दिन बाद उक्त बुजुर्ग को मृत बताकर झांसी के अस्पताल से उसका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनवा लिया। इन सब दस्तावेजों के आधार पर बुजुर्ग के खाते की जमीन लोकेंद्र पुत्र विश्वनाथ सिंह बुंदेला ने अपने नाम कर ली।
जानकारी के अनुसार कस्बा बड़ौनी में लड्नु राजा की हवेली निवासी चंद्रभान पुत्र स्वर्गीय रघुराज सिंह बुंदेला की 4.70 हेक्टेयर जमीन कस्बे के लोकेंद्र पुत्र विश्वनाथ सिंह बुंदेला ने अपने नाम करा ली। इस मामले की शिकायत दतिया एसपी वीरेंद्र मिश्रा से की गई। इसके बाद मामले की एसडीओपी बड़ौनी विनायक शुक्ला को जांच सौंपी गई।
फरियादी ने बताया जमीन पर लोन है
इस मामले में पीड़ित चंद्रभान के मुताबिक अपनी इस जमीन पर केसीसी के जरिए उसने ऋण ले रखा है। कुछ दिन पहले वे मौजे के पटवारी के पास गए तो पटवारी ने बताया उनकी जमीन लोकेंद्र के नाम हो गई है। बुजुर्ग ने दस्तावेज निकलवाए तो 10 अगस्त 1994 में दो सादे पेज की वसीयत निकली।
वसीयत में बताया संतानहीन
वसीयत में चंद्रभान, लोकेंद्र के अलावा भूपेंद्र सिंह चौहान निवासी बड़ेरा पिछोर के हस्ताक्षर हैं। वसीयत में चंद्रभान को संतानहीन और उम्र 81 साल बताई गई। यह भी लिखा चंद्रभान की कोई संतान न होने पर उनके देहांत के बाद उनकी जमीन का मालिक एवं स्वामी मेरे नाती लोकेंद्र एवं शक्ति सिंह बुंदेला होंगे। जबकि वर्तमान में चंद्रभान की उम्र लगभग 75 वर्ष है और उनके तीन पुत्र भी हैं।
कम्प्यूटर से बनवाया फर्जी प्रमाण-पत्र
चंद्रभान के मुताबिक लोकेंद्र ने जिला महिला चिकित्सालय झांसी से उसका कम्प्यूटराइज्ड मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाया, जिसमें चंद्रभान की मृत्यु पांच मई 1995 को बताई। इस फर्जीवाड़े में पटवारी और सीमांकन का आदेश करने वाले तहसीलदार की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। इस मामले में पटवारी ने 25 अप्रैल 2024 को अपनी रिपोर्ट लगाई है।
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