राहुल गांधी ने साधा था निशाना, अब सिंधिया ने ग्वालियर की जर्जर सड़कों की उठाई जिम्मेदारी,अधिकारियों को लगाई फटकार

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश की सियासत में ग्वालियर हमेशा अहम भूमिका निभाता रहा है. कमलनाथ सरकार गिराने में निर्णायक भूमिका निभाने वाले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एक बार फिर से सुर्खियों में हैं. इस बार वजह है ग्वालियर की जर्जर सड़कें. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में सिंधिया अपने समर्थकों से कहते नजर आ रहे हैं कि शहर की हालत बेहद खराब है. इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इसी मुद्दे पर सिंधिया को घेरा था. अब शहर की किरकिरी रोकने और विकास की जिम्मेदारी खुद सिंधिया ने उठा ली है.

ग्वालियर की सड़कों का बुरा हाल किसी से छिपा नहीं है. पिछले 10 महीनों में लगातार कई इलाकों में सड़कें धंसने की घटनाएं सामने आईं. सबसे पहले मामला माधव नगर रोड से शुरू हुआ और फिर चेतकपुरी, महल रोड, हुरावली, नाकाचंद्रवदनी, दर्पण कॉलोनी, शब्दप्रताप आश्रम और सिरोल रोड जैसे इलाकों में भी सड़कें धंस गईं. सिर्फ 19 जून से 31 जुलाई के बीच ही कई जगहों पर हालात बिगड़े. बार-बार सड़कें धंसने से शहर की छवि पर सवाल उठने लगे और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. यही कारण है कि अब सिंधिया ने इस मसले को गंभीरता से उठाया है.

समीक्षा बैठक में नाराज दिखे सिंधिया

ग्वालियर के सात दिन के दौरे के अंतिम दिन सिंधिया ने शहर की समस्याओं पर समीक्षा बैठक की. इस बैठक में वरिष्ठ अधिकारी, प्रदेश सरकार के मंत्री, कांग्रेस महापौर और बीजेपी जिलाध्यक्ष मौजूद रहे. बैठक में सिंधिया ने जिम्मेदार अधिकारियों को फटकार लगाई और साफ निर्देश दिए कि तय कार्ययोजना को समय पर पूरा किया जाए. उन्होंने कहा कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी.

सांसद की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय

बैठक में स्थानीय सांसद भारत सिंह कुशवाहा की गैरमौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा. यह अनुपस्थिति अब राजनीतिक चर्चा का बड़ा विषय बन गई है. माना जा रहा है कि विपक्ष इसे मुद्दा बनाकर बीजेपी पर निशाना साध सकता है. ऐसे में सिंधिया पर शहर के विकास और राजनीतिक साख दोनों को संभालने की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है.

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