वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा को लेकर विवाद अब पूरी तरह थम गया है. प्रेमानंद महाराज ने रात 2 बजे अपनी पदयात्रा निकाली. इस दौरान भक्तों का सैलाब उमड़ रखा था. प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा वही पुराने रास्ते से होकर निकली, जिस पर विवाद हुआ था. इस दौरान भक्तों ने महाराज के दर्शन किए. विरोध जताने वाले सोसायटी के अध्यक्ष द्वारा माफी मांगने के बाद और भक्तों की मांग पर निकली प्रेमानंद महाराज ने अपनी पदयात्रा निकाली.
सोसायटी के लोग भी संत प्रेमानंद के इस निर्णय से बेहद खुश हैं. इस दौरान उन्होंने प्रेमानंद महाराज के स्वागत में रंगोली बनाई. प्रेमानंद महाराज ने कहा था कि वह रात 2 बजे से पहले की तरह पदयात्रा निकालेंगे और दर्शन देंगे. इससे पहले जब प्रेमानंद महाराज की यात्रा निकली थी तो पहले जैसी नहीं थी. प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा सुबह 4 बजे निकली थी और उन्होंने गाड़ी में सवार होकर भक्तों को दर्शन दिए थे.
भक्तों में फैल गया था गुस्सा
प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा का वृंदावन की एनआरआई ग्रीन सोसायटी के लोगों ने 4 फरवरी को विरोध किया था. लोगों ने ध्वनि प्रदूषण की बात कहते हुए विरोध जताया था. इसके अलावा सोसायटी की महिलाओं का कहना था कि रात में होने वाली पदयात्रा के दौरान बजने वाले ढोल और आतिशबाजी से उनकी नींद भी खराब हो जाती है, जिसकी वजह से उनका पूरा दिन खराब होता है. ऐसे में जब महाराज जी के भक्तों को ये बात पता लगी तो उनमें गुस्सा फैल गया. सोशल मीडिया पर सोसायटी की काफी ज्यादा आलोचना होने लगी.
सोसायटी के अध्यक्ष ने मांगी थी माफी
इसके अलावा स्थानीय व्यापारियों ने अपनी दुकान पर पोस्टर चपका करके सोसायटी वालों का विरोध किया. दुकान पर लगे पोस्टर में लिखा है कि एनआरआई ग्रीन वालों को यहां सामान नहीं मिलता है. यह पोस्टर एनआरआई ग्रीन सोसाइटी के पास बनी दो दुकानों में लगे थे. ऐसे में एनआरआई सोसायटी के अध्यक्ष आशु शर्मा द्वारा रविवार को महाराज से मुलाकात की गई, जिसमें प्रेमानंद महाराज के पास जाकर अध्यक्ष ने माफी मांगी सोसायटी के प्रेसिडेंट आशु शर्मा ने प्रेमानंद महाराज से कहा कि हम लोग आपसे माफी मांगते हैं. सोसायटी के लोगों को अपनी गलती का अहसास हो गया है, लेकिन वह आपसे कहने के लिए हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं.
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