राजस्थान में बीजेपी की सरकार है, ऐसे में कॉलेज की बिल्डिंग को भगवा रंग करने के आदेश पर राजनीति होना लाजमी है. जी हां, राज्य की राजनीति में आए दिन इस तरह के आदेशों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है. पहले स्कूली किताबों में बदलाव को लेकर सियासत गरमाई थी फिर स्कूलों में सूर्य नमस्कार को अनिवार्य करने वाला मुद्दा जोरों पर उठा था और अब सरकारी कॉलेजों की इमारत के रंग-रोगन का मामला सियासी बवाल के पीछे की वजह है.
राजस्थान के भरतपुर जिले में एक सरकारी आदेश जमकर चर्चा का विषय बना हुआ है. आदेश में लिखा है कि सरकारी कॉलेज की बिल्डिंग को भगवा रंग से रंग दिया जाएगा. यानी की बिल्डिंग को पेंट करने के लिए रंग का आदेश भी दिया गया है. भरतपुर के महारानी श्री जया महाविद्यालय कॉलेज की बिल्डिंग आपको जैसी वर्तमान में दिखाई दे रही है वह कुछ दिनों बाद ऐसी नहीं रहेगी. कुछ दिन बाद महाविद्यालय की इमारत भगवा रंग से पेंट कर दी जाएगी.
ऊर्जा देने वाला है ये कलर
कायाकल्प योजना के तहत राज्य के 20 कॉलेजों की बिल्डिंगों का सामने का हिस्सा और प्रवेश कक्ष ऑरेंज यानी भगवा रंग से रंगा हुआ दिखाई देगा. आदेश में कंपनी और कलर कॉम्बीनेशन भी पहले से ही तय किया गया है. जब पेटिंग का काम पूरा हो जाए तो कॉलेज प्रशासन को उसकी फोटोज क्लिक करके कॉलेज आयुक्तालय को भेजना है. यह पूरा मामला तब और भभक गया जब राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री प्रेम चंद बैरवा ने कहा कि पेंट किए जाने वाला ये रंग ऊर्जा और सकारात्मक अनुभूति देने वाला है.
विपक्ष का विरोध
इस पूरे मामले में कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा है कि सरकार ऐसे आदेशों के जरिए अपना राजनीतिक एजेंडा चला रही है. विपक्ष को सरकार का ये फरमान नागवार गुजरा है. खाचरियावास ने कहा कि सरकार भले ही इस तरह के आदेश जारी करे लेकिन वे सरकारी कॉलेजो की दशा पर भी ध्यान दें तो बेहतर होगा. कहीं कॉलेजों में सबजेक्ट के टीचर ही नहीं हैं तो कहीं पर इमारत ही गायब है.
बालमुकुंद क्या बोले?
जयपुर की हवामहल सीट से बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि जिन लोगों को भगवा रंग से परहेज है वह देश छोड़ सकते हैं. उन्होंने विपक्षी नेताओं के विरोध के बाद ये टिप्पणी की है और देश छोड़कर जाने की नसीहत दे दी है.
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