राजस्थान के अलवर जिले से एक हैरान करने वाली खबर आई है. यहां रहने वाले एक फौजी कश्मीर में शहीद हो गए. खबर आई तो उनके गांव में लोग उनकी शहादत पर नारेबाजी करने लगे. शहीद के चाचा भी अपने मकान की तीसरी मंजिल पर खड़े होकर नारेबाजी कर रहे थे. अचानक से उनका बैलेंस खराब हो गया और वह नीचे गिर पड़े. इस हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए. आनन फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया. मामला अलवर के बहरोड से सटे रिवाली गांव का है.
जानकारी के मुताबिक शनिवार को कश्मीर में सेना के मूवमेंट के दौरान हादसा हो गया था. यह हादसा सेना का ट्रक खाई में गिरने की वजह से हुआ. इस हादसे में अलवर के रहने वाले जवान नितेश यादव की मौत हो गई. यह खबर उनके गांव पहुंची तो परिवार में शोक की लहर दौड़ गई. इसी के साथ लोग यहां नितेश यादव अमर रहे के नारे लगाने लगे. फौजी के घर के बाहर लोग नारे लगा ही रहे थे कि घर की तीसरी मंजिल पर मौजूद उनके चाचा अजीत यादव भी वहीं से हाथ उठा-उठाकर जयकारे लगाने लगे.
एक ही घर में दो मौतों से पसरा मातम
इस दौरान अचानक से उनका पैर फिसल गया और नीचे गिर पड़े. आनन फानन में उन्हें बहरोड सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने देखते ही उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस प्रकार एक ही घर में हुई दो-दो मौतों से पूरे गांव में मातम पसर गया. रिवाली सरपंच राजकुमार के मुताबिक शनिवार को ही नितेश यादव शहीद हुए और रविवार को यह खबर परिवार को मिली थी. उनकी शहादत पर लोग नारेबाजी कर ही रहे थे कि यह दूसरा हादसा हो गया.
सीआरपीएफ में तैनात थे नितेश यादव
उन्होंने बताया कि नितेश सीआरपीएफ में तैनात थे और एक हफ्ते पहले छुट्टी काटकर ड्यूटी पर वापस लौटे थे. उन्होंने बताया कि इन दोनों घटनाओं को सुनकर पूरे गांव में किसी के घर चूल्हा नहीं जला है. उन्होंने बताया कि अजीत यादव का शव भी पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया है और नितेश का शव गांव आने के बाद दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ किया जाएगा.
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