म्यांमार के जेड खनन क्षेत्र में भूस्खलन,1 2 लोगों की मौत, कई लापता

विदेश

उत्तरी म्यांमार में रविवार 12 जनवरी को झकझोर देने वाला हादसा हुआ. यहां भूस्खलन से तबाही मच गई. इस आपदा में कम से कम दर्जन भर लोगों की मौत गई वहीं कई लोग लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है. सोमवार 13 जनवरी को स्थानीय लोगों, बचावकर्ताओं ने ये जानकारी दी. बताया जा रहा है कि लगभग 50 घर भूस्खलन के मलबे में दब गए इनमें से कुछ पूरी तरह से क्षतिग्रस्त गए है.

यह दुर्घटना रविवार देर रात काचिन राज्य के हपाकांत कस्बे में हुई जो सुदूर पहाड़ी क्षेत्र है और जेड खनन उद्योग का केंद्र है. दुर्घटना क्षेत्र के पास रहने वाले टार्लिन एमजी के मुताबिक स्पॉट गांव में 12 लोगों के शव बरामद किए गए हैं, जिनमें चार बच्चे भी शामिल हैं. इस हादसे से में करीब 30-50 लोग लापता होने की उम्मीद है. जिनकी तलाश की जा रही है. बड़ी मात्रा में कीचड़ के कारण लापता लोगों को ढूंढना मुश्किल हो रहा है.

कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका

आशंका जताई जा रही है कि लापता लोगों में कई लोग मलबे में दबे हो सकते हैं. क्षेत्र में राहत और बचाव कार्य जारी है. वहीं भूस्खलन से बेघर हुए लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है. इस घटना से क्षेत्र में एक बार फिर से हड़कंप मच गया. घटना को लेकर लोगों में डर का माहौल है. भूस्खलन से जानमाल का नुकसान हुआ साथ ही संपत्ति, बुनियादी ढांचे और संचार लाइनों को काफी नुकसान पहुंचा.

जेड खदानों के आसपास भूस्खलन होना आम

हपाकांत की जेड खदानों के आसपास भूस्खलन होना कोई नई बात नहीं है. हर साल इस क्षेत्र में कई बार भूस्खलन होता है. हपाकांत में कचरे के काफी ऊंचे ढेर हैं, डायनामाइट विस्फोट और भारी बारिश के कारण ये टीले ढह सकते हैं, जिससे बड़े पैमाने पर भूस्खलन होने की आशंका बनी रहती है.

पहले भी हुए हादसे

जुलाई 2020 में, उसी क्षेत्र में भूस्खलन में कम से कम 162 लोगों की मौत हो गई, और नवंबर 2015 में हुए भूस्खलन में 113 लोग मारे गए. इसके बाद 2020 में भी इसी तरह का हादसा हुआ था. भारी बारिश के कारण पाकांत क्षेत्र में करीब 172 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं 2021 और 2023 में जेड की एक खदान धंसने से कई श्रमिकों की जान चली गई थी.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry