मोहन कैबिनेट में किसानों के हित में बड़ा फैसला, कई अन्य प्रस्तावों पर लगी मुहर

मध्य प्रदेश

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की अहम बैठक हुई। बैठक की शुरुआत राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” गायन के साथ हुई। इस दौरान कैबिनेट मंत्रियों ने सीएम को रामलला की अलौकिक प्रतिमा भेंट कर ‘Global Investors Summit-2025’ के सफल आयोजन के लिए बधाइयां प्रेषित कीं। इसके बाद कैबिनेट में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिसके बाद कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अहम निर्णयों की जानकारी दी।

कैबिनेट के प्रमुख निर्णय :

  • 30 मार्च से 30 जून तक जय गंगा जल संवर्धन अभियान आयोजित होगा। पूरे प्रदेश की वॉटरबॉडी का संवर्धन करना और पानी को संभालना इसका मुख्य उद्देश्य है। वॉटर रिचार्जिंग के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। नए जिले पांढुर्ना के वन विभाग के नए मंडल को मंजूरी मिली है।
  • 15 मार्च से शुरू होने जा रही गेहूं की एमएसपी दर पर खरीदी के तहत सरकार 175 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बोनस देने का फैसला किया है। ये बोनस एमएसपी की दर 2425 रुपए के अतिरिक्त दिया जाएगा। यानी समर्थन मूल्य पर किसानों को 2600 रुपए प्रति क्विंटल के भाव मिलेंगे। यही नहीं धान पर 4 हजार प्रति हैक्टेयर प्रोत्साहन राशि देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली।
  • किसानों की जमीन का सीमांकन पूरी तरह डिजिटल किया जा रहा है। इसके लिए 138.41 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके लिए खुली निविदा आमंत्रित की गई है। इसके जरिए पूरे प्रदेश के किसनों की जमीन का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
  • सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे बच्चों को खेल और सामान्य ज्ञान के क्षेत्र में विशेष ज्ञान दे सकें।
  • 6 मार्च को वित्त आयोग के साथ कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में बैठक होगी।
  • उज्जैन महाकाल मंदिर में होमगार्ड स्वयंसेवी सैनिकों के 488 पद स्वीकृत किए गए हैं। इसके लिए सालाना 17 करोड़ रुपए का व्यय आएगा। एक साल के अंदर यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

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