महाराष्ट्र के नांदेड़ में मोबाइल नहीं मिलने पर एक युवक ने आत्महत्या कर ली. बेटे के आत्महत्या की जानकारी होते ही पिता ने भी फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. एक ही परिवार में हुई दोहरी मौत से इलाके में मातम पसरा गया है. इसी के साथ गांव में मोबाइल फोन के अत्याधिक इस्तेमाल पर चर्चा शुरू हो गई है.
तकनीकी युग ने लोगों के जीवन को जितना आसान बनाया, उतना ही परेशानियां भी बढ़ाई है. एक तरफ मोबाइल और तकनीक का इस्तेमाल कर हम अपने काम को आसान बना रहे है. वहीं, दुसरी तरफ यहीं हमारी बुरी आदतें बनती जा रही है. ऐसा ही एक मामला नांदेड़ के बिलोली इलाके से सामने आया है. यहां एक युवक ने मोबाइल इस्तेमाल कर रहा था, लेकिन इसी दौरान पिता ने उसका मोबाइल छीन लिया.
मोबाइल फोन के लिए युवक ने की आत्महत्या
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना नांदेड़ के बिलोली तालुका के एक गांव की है. यहां मोबाइल फोन के लिए एक 17 साल एक युवक ने सुसाइड कर लिया. युवक ने अपने कमरे में फांसी लगाकर अपनी अनमोल जिंदगी समाप्त कर ली. बेटे की मौत की खबर सुनकर उसके पिता ने भी खेत में जाकर फांसी लगा ली और अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली.आत्महत्या करने वाले पिता-पुत्र की पहचान ओंकार पैलवार और राजू पैलवार के रूप में हुई है.
परिवार में पसरा मातम
घटना की जानकारी होते ही पीड़ित परिवार में हड़कंप मच गया. एक ही परिवार में दोहरी मौत से परिवार सदमे में हैं. परिवार का कहना है कि उन्हें बिल्कुल भी अंदेशा नहीं था कि मोबाइल फोन परिवार के दो लोगों की मौत का कारण बन जाएगा. इस घटना ने समाज को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर कैसे मोबाइल फोन हमारी जान से भी ज्यादा कीमती हो गया है.
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