पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि उनकी सरकार ने पहले ही स्वास्थ्य सुरक्षा की व्यापक योजना बनाकर मेडिकल कैंप शुरू कर दिए थे ताकि किसी भी प्रकार की बीमारी फैलने से पहले ही उस पर नियंत्रण किया जा सके। उन्होंने कहा कि “पूरा पंजाब मेरा परिवार है और मैं अपने परिवार की तंदुरुस्ती के लिए हमेशा वचनबद्ध हूँ। यही कारण है कि प्रदेश में हर गांव और शहर में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार ड्यूटी पर तैनात है।”
पिछले तीन दिनों यानी 14, 15 और 16 सितंबर के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार सबसे अधिक मामले बुख़ार और त्वचा रोग के सामने आए है। सिर्फ़ इन तीन दिनों में लगाए गए कैम्प में 2100 गांव कवर किये गए, जिसमें 1,42395 मरीज़ों की जाँच की गई, और बुख़ार के 19187 मरीज़ और त्वचा रोग के 22118 मरीज़ मेडिकल कैंप में पहुँच चुके है। इसके अलावा डायरिया, खाँसी और अन्य संक्रमण के भी कुल मिलाकर 14848 मामले दर्ज हुए है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार रोज़ाना शाम 6 बजे जनता के साथ ये आँकड़े साझा करेगी ताकि लोगों को सही और भरोसेमंद जानकारी समय पर मिल सके। उन्होंने अपील की कि कोई भी व्यक्ति यदि बुख़ार, त्वचा रोग या अन्य बीमारी के लक्षण महसूस करे तो तुरंत सरकार द्वारा लगाए गए मेडिकल कैंप में जाकर जाँच करवाए।
सरकार की ओर से अब तक 1,250 से अधिक राहत और स्वास्थ्य कैंप लगाए जा चुके है, जिनका लाभ करीब 1.8 लाख से अधिक लोगों ने उठाया है। साथ ही कईं आंगनवाड़ी और आशीर्वाद केंद्रों में भी मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है।
विशेष स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान के तहत आशा वर्कर घर-घर जाकर सर्वे कर रही है और लोगों को बीमारियों की रोकथाम के उपायों के बारे में बता रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अब तक कईं लाख लोगों का चैकअप पूरा हो चुका है, और हर परिवार को साफ-सफाई, पीने के पानी को उबालकर पीने और मच्छरों से बचाव करने जैसी ज़रूरी बातें बताई गई है।
आम आदमी पार्टी से जुड़े हर वॉलंटियर और पदाधिकारी भी सरकार के साथ राहत और सफाई अभियान में जुटे हुए है। मंत्री और विधायक स्वयं ज़मीनी स्तर पर जाकर सेवा कार्यों में भाग ले रहे है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि “यह सिर्फ़ सरकार का काम नहीं, बल्कि हर पंजाबी का साँझा फर्ज़ है कि हम सब मिलकर अपने गांव, अपने शहर और अपने मोहल्ले को बीमारी मुक्त बनाए।”
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक़ बाढ़ का पानी उतरने के बाद संक्रमण और मौसमी बीमारियों के फैलने का ख़तरा बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए पंजाब सरकार ने पहले ही सख़्त निगरानी शुरू कर दी थी। सभी बड़े सरकारी अस्पतालों में विशेष आइसोलेशन वार्ड बनाए गए है और डॉक्टरों की ड्यूटी चौबीसों घंटे लगाई गई है।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि पंजाब की जनता को किसी भी स्थिति में दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार हर नागरिक तक स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचा रही है और यदि किसी को कोई समस्या है तो तुरंत नज़दीकी मेडिकल टीम या कैंप से संपर्क किया जाना चाहिए।
आपकी पाई-पाई का पूरा हिसाब! ‘मिशन चढ़दीकला’ के साथ मान सरकार ने रखी पारदर्शिता की नई नींव,सिर्फ 24 घंटों में 1000 से ज्यादा लोगों ने किया दान
पंजाब, जो हमेशा से पूरे देश का पेट भरता रहा है, इस बार भयंकर बाढ़ की कठिनाइयों का सामना कर रहा है। इस मुश्किल समय में मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब सरकार ने ‘मिशन चढ़दीकला’ शुरू किया है। यह अभियान सिर्फ राहत पहुँचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बाढ़ प्रभावित इलाकों के पुनर्वास, पुनर्निर्माण और विकास को तेज गति से आगे बढ़ाने का एक मिशन है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के लोगों और विदेश में बसे पंजाबी समुदाय (एनआरआई) को एकजुट करना है ताकि वे अपने योगदान से पंजाब को फिर से मज़बूत, सुरक्षित और खुशहाल बना सकें।
इस मिशन के तहत जो भी योगदान मिलता है, वह ‘रंगला पंजाब विकास फंड’ में जमा किया जाता है। पंजाब सरकार ने किसी भी आपातकाल या संकट से निपटने के लिए रंगला पंजाब सोसाइटी की स्थापना की है। यह फंड पूरी तरह स्वैच्छिक योगदानों पर आधारित होगा और इसे सरकारी बजट सहायता नहीं मिलेगी। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक मॉनिटरिंग कमिटी बनाई गई है, जिसमें वित्त और योजना विभाग के प्रमुख सदस्य भी शामिल होंगे। योगदान का विवरण समय-समय पर सोसाइटी की वेबसाइट पर साझा किया जाएगा। इसके अलावा, एनआरआई के योगदान को एफसीआरए (FCRA) से छूट और कॉर्पोरेट योगदान को सीएसआर (CSR) खर्च माना जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल हो सकें।पंजाब सरकार ने यह वादा किया है कि इस फंड में किए गए हर योगदान का पूरा हिसाब रखा जाएगा और कोई भी पैसा बेकार नहीं जाएगा।
इस पहल को शुरू से ही ज़बरदस्त समर्थन मिला है। मिशन की शुरुआत के पहले *24 घंटों में ही 1000 से अधिक लोगों ने योगदान दिया**, जिनमें कई एनआरआई भी शामिल हैं। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी ने ₹1 करोड़ का बड़ा योगदान दिया। राहत और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए 50 ट्रैक्टर और 10 जेसीबी मशीनें भी उपलब्ध कराई गईं। यह दिखाता है कि जनता को सरकार पर पूरा भरोसा है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पहल में योगदान देने वाले पहले 1000 दानियों का धन्यवाद किया और सभी पंजाबियों व एनआरआई समुदाय से अपील की कि वे इस पुण्य कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा, **“बाढ़ की मार से प्रभावित पंजाब को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए ‘मिशन चढ़दीकला’ में आपका योगदान राज्य के पुनर्निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।” इस सोसाइटी के माध्यम से सरकार ने संकट की घड़ी में सामूहिक प्रयास और पारदर्शिता का संदेश भी दिया है।
‘मिशन चढ़दीकला’ सिर्फ एक राहत अभियान नहीं है, बल्कि यह पंजाब की मेहनत, हिम्मत और एकजुटता का प्रतीक बन गया है। यह दिखाता है कि संकट के समय भी मान सरकार जनता के साथ खड़ी है और हर कदम पर पंजाब को फिर से मज़बूत बनाने का संकल्प रखती है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad