महानगर में सरेआम उड़ रही नियमों की धज्जियां, कुछ उद्योगपति व्यापार की आड़ में कर रहे ये काम

पंजाब

जालंधर : पंजाब की अर्थव्यवस्था में उद्योगों का अभिन्न योगदान है और यह राज्य के विकास में अहम योगदान देते हैं। पंजाब के कई बड़े उद्योग विभिन्न उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग कर राज्य के खजाने में करोड़ों रुपए का योगदान देते हैं, लेकिन महानगर के कुछ उद्योगपति व्यापार की आड़ में नियमों को ताक पर रखकर सरकार के खजाने को करोड़ों रुपए चूना नियमों के दांवपेच से लगा रहे हैं। कपूरथला रोड, वरीयाणा काम्पलैक्स और फोकल प्वाइंट जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के कई उद्योग कथित रूप से जी.एस.टी. विभाग के नियमों का दुरुपयोग कर फर्जी इनवॉइसिंग के जरिए करोड़ों रुपए का घोटाला कर रहे हैं। इन उद्योगों के तार नोहरिया बाजार, बस्ती अड्डा और लुधियाना की मंडियों से जुड़े हुए हैं, जहां से इन्हें कच्चा माल और कैमिकल की आपूर्ति होती है।

सूत्रों के अनुसार वरियाणा काम्पैल्कस में कुछ कंपनियों ने कर्मचारियों के नाम पर फर्जी फर्में बनाकर जी.एस.टी. नियमों में दांवपेच का फायदा उठाया है। यह कंपनियां जाली बिल और इनवॉइस के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आई.टी.सी.) का दावा कर सरकार को करोड़ों का चूना लगा रहे हैं। इस काले कारोबार के तहत फर्जी फर्मों के नाम पर बैंक से व्यापारिक लिमटें बना कर दुरुपयोग किया जा रहा है। इन दस्तावेजों को वैध दिखाने के लिए यह कंपनियां नकली बैंक ट्रांज़ैक्शन का भी सहारा लेती हैं, ताकि जांच में उनके जाली दस्तावेजों व दावों को सही ठहराया जा सके। कपूरथला रोड की नहर के किनारे टाइल्स और रबर मैन्यूफैक्चरिंग का कारोबार करने वाले भी कुछ व्यापारी उद्योगपति भी जी.एस.टी.व कॉपीराइट नियमों के उल्लंघन करने में पीछे नहीं हैं। वे टाइल्स और रबर के कारोबार में खुद को निर्माणकर्त्ता दिखाकर नकली इनवॉइस के माध्यम से फर्जी आई.टी.सी. क्लेम कर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार कपूरथला रोड के साथ लगते औद्यौगिक इलाक़ों में कई बढ़े टायर और रबर उत्पाद व टूल्स बनाने वाली कई कंपनियां कॉपीराइट और ट्रेडमार्क के नियमों का भी सरेआम धज्जियां उड़ाती हैं। ये कंपनियां प्रसिद्ध ब्रांड्स की नकल कर नकली उत्पाद बनाकर बाजार में बेचती हैं, जिससे देशी व विदेशी उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी होती है।

एक वरिष्ठ आर.टी.आई. एक्टिविस्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए पंजाब सरकार से उद्योगों के राजस्व योगदान का विस्तृत विवरण मांगा है। इससे इन उद्योगों की वित्तीय स्थिति से करों का मूल्यांकन हो सकेगा। इसी बीच, जी.एस.टी. विभाग सहित अन्य विभागों ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करने का मन बना लिया है। विशेष जांच टीमों का गठन किया जा रहा है, जो इन संदिग्ध उद्योगों के बैंक खातों, वित्तीय दस्तावेजों और अन्य संबंधित रिकॉर्ड की बारीकी से छानबीन करेगी। इस प्रकार की सख्त कार्रवाई से राज्य के उद्योग सही मार्ग पर लौटेंगे और पंजाब के राजस्व में और बढ़ोतरी हो सकेगी।

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