प्रयागराज में चल रहा महाकुंभ 7 दिन बाद खत्म हो जाएगा. लेकिन अभी भी लोग लाखों की तादाद में संगम नगरी पहुंच रहे हैं और आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. इस दौरान कई श्रद्धालु गंगा नदी में माता की चुनरी, पूजा सामग्री और नारियल भी प्रवाहित करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं, उन नारियल का क्या होता है जिन्हें गंगा में प्रवाहित किया जाता है? इसका जवाब आपको हैरत में डाल सकता है.
श्रद्धालु जैसे है नारियल गंगा नदी में प्रवाहित करते हैं, पहले से ताक लगाए बैठे घाटों के कुछ नाविक गोता लगाकर उस नारियल को ले आते हैं. यही नारियल वो घाट पर पूजा सामग्री बेच रहे उन दुकानदारों को आधे दामों दे देते हैं. इस तरह वही नारियल बार-बार गंगा में पूजा में इस्तेमाल होता रहता है.
कई श्रद्धालु सिक्के भी गंगा नदी में प्रवाहित करते हैं. उन सिक्कों को भी नाविक चुंबक की मदद से खींचकर अपने पास रख लेते हैं. सिक्कों का तो लोग अपने लिए प्रयोग करते हैं. लेकिन बार-बार नारियल का इस्तेमाल एक तरह से श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ ही है. इसके कई वीडियो भी इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं. एक वीडियो में महिला जैसे ही नारियल को प्रवाहित करती है, वहां मौजूस एक शख्स उसे उठा लेता है.
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