मध्य प्रदेश को भारत का हृदय प्रदेश भी कहा जाता है, जो अपनी संस्कृति, कलात्मकता, विरासत और रोचक किस्सों के लिए भी जाना जाता है. प्रदेश में जहां बाबा महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर जैसे दो ज्योतिर्लिंग विराजमान है, तो वहीं पुण्य सलिला मां नर्मदा और सूर्य पुत्री ताप्ती नदी का भी प्रभाव है. यही कारण है कि प्रदेश अपना एक स्वर्णिम इतिहास लेकर चलता है. यह इतिहास आदि-अनादि काल से चला आ रहा है.
नाग पंचमी के मौके पर देशभर में श्रद्धालु नाग देवता की पूजा-अर्चना कर रहे हैं, लेकिन आज हम आपको मध्य प्रदेश के खंडवा स्थित एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे नागों का गांव कहा जाता है. यहां सांप ग्रामीणों के साथ परिवार के सदस्यों की तरह रहते हैं. इन नागों का निवास यहां आदिकाल से बताया जाता है और यही कारण है, जो इस गांव का नाम नागचून पड़ गया है.
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