भोपाल में मेट्रो के काम की धीमी चाल, दिसंबर तक काम पूरा होना मुश्किल

मध्य प्रदेश

भोपाल। शहर में मेट्रो लाइन बिछाने के काम की धीमी चाल की वजह से दिंसबर तक प्रायोरिटी कारिडोर का कार्य पूरा होने की उम्मीद कम है। इसकी वजह कर्मचारियों की कमी है, जिस वजह से निर्माण कार्य में तेजी नहीं आ पा रही है।

गौरतलब है कि दिंसबर 2024 तक मेट्रो के 6.22 किलोमीटर लंबी प्रायोरिटी कारीडोर का काम पूरा करना है। इसमें डिपो का ही 40 प्रतिशत काम बाकी है। आठ मेट्रो स्टेशन में से सिर्फ सुभाष नगर स्टेशन पर ही 100 प्रतिशत काम हुआ है, बाकी में कहीं 40 प्रतिशत काम हुआ है तो कहीं 80 प्रतिशत काम पूरा हुआ है।

टिकटिंग सिस्टम से लेकर सिग्लिंग सिस्टम का काम भी 60 प्रतिशत ही हुआ है। अभी अंडरग्राउंड वाटर टैंक से लेकर सिक्यूरिटी के अन्य इंतजाम भी अधूरे हैं। गणेश मंदिर मेट्रो ओवरब्रिज में ही डीआरएम रोड की ओर स्टील ब्रिज का काम बाकी है। इसकी अभी कसावट ही हो रही है। यात्रियों के स्टेशन तक पहुंचने सीढ़ियां व एक्सीलेटर ही नहीं स्थापित हो पाए हैं। 2020 में शुरू हुआ मेट्रो का कार्य अक्टूबर 2024 तक के चार साल में 6.22 किलोमीटर ही पूरा नहीं हो पाया है।

अधूरे काम से लोगों को हो रही परेशानी

भोपाल में मेट्रो का काम अपनी गति से नहीं चल रहा है, इस कारण कई तरह की परेशानी का सामना शहर के नागरिकों का ना पड़ रहा है। हबीबगंज नाका पर लम्बे समय से रास्ता बंद है, लोगों को कई किमी का फेरा लगाकर जाना पड़ रहा है, समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है। दूसरा जिस रास्ते को डायवर्ट किया गया है, वहां का रास्ता भी खस्ता हो गया है, आस पास के लोगों धुल और गुबार से परेशान है, सड़क जर्जर हो गई वो अलग।

इस कारण यहां पर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा एमपी नगर में सरगम टाकीज पर बने मेट्रो स्टेशन के कारण एक रास्ता बंद है। एक रास्ते में भी सड़क पर गड्डे हो गए है, आऐ दिन दुर्घटना होती रहती है। रात के समय बिजली नहीं होने से स्थिति और भयावय हो गई है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry